कोलकाता । पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि राज्य में 16 अगस्त से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाएगी। इस योजना के दायरे में करीब 1.5 करोड़ परिवारों के छह करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि इस योजना की शुरुआत राज्य के लिए एक नया दिन होगा। इसके साथ ही सरकार ने आरोप लगाया कि पिछले 15 सालों में राज्य के लोगों को केंद्र की कई कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपए तक बिना नकद भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीएम शुभेंदु अधिकारी के मार्गदर्शन में इस योजना को लागू किया जाएगा और आयुष्मान भारत कार्ड जारी करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह योजना शुरुआती तौर पर राज्य की स्वास्थ्य साथी योजना और प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ-साथ संचालित होगी। मंत्री ने कहा कि हर कोई इस योजना का लाभ उठा सकेगा। किसी को भी डरने की जरुरत नहीं है कि उसे योजना से वंचित कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की योजना अगले तीन महीनों में तीनों योजनाओं की समीक्षा करने और उसके बाद लाभार्थियों को बिना किसी असुविधा के स्वास्थ्य साथी योजना को बंद करने की है। सरकार के मुताबिक राज्य के कुल 1,930 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया गया है, जिनमें 1,303 निजी और 627 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि अस्पताल जाते समय वे अपना आधार कार्ड अपने पास रखें। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के पास आयुष्मान भारत कार्ड नहीं है, वे अस्पताल में ही अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

