रांची । झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि छात्र आंदोलन के नाम पर यदि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अराजकता फैलाने का प्रयास करेगी तो राज्य सरकार उससे सख्ती से निबटेगी। उन्होंने भाजपा पर छात्र आंदोलन को हाईजैक करने और आंदोलन को लटकाने-भटकाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। मंत्री विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक अरूप चटर्जी के सवाल का जवाब दे रहे थे। अरूप चटर्जी ने कहा कि सरकार छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान चुकी है। ऐसे में छात्रों की एक-दो शेष मांगों को स्वीकार कर सरकार को आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
इसके जवाब में सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों से एक बार फिर आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आने की अपील की। साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने सदन को बताया कि छात्र आंदोलन मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में कथित गड़बड़ी को लेकर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए सीआईडी को जिम्मेदारी दी है। इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और कुछ डिजिटल साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य रूप से तीन मांगें हैं। इनमें परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच, परीक्षा रद्द करना और भविष्य में परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया में सुधार करना शामिल है। मंत्री ने कहा कि जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच की जाएगी। सरकार इस मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों ने एजेंसी टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षाओं की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ परीक्षाओं के परिणाम पहले ही जारी किए जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में सरकार ने छात्रों को उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कराने का आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन का समाधान निकालने के लिए गंभीर है और उनकी मांगों पर बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आंदोलन को समाप्त कराने के बजाय उसे लटकाने और भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन छात्र आंदोलन के नाम पर राजनीतिक हस्तक्षेप अथवा अराजकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बातचीत के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आगे आएं।


