अयोध्या । अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफे के बाद चंपत राय पहली बार कैमरे के सामने आए। इस दौरान वह राम नगरी में संतों के बीच पहुंचकर मुलाकात करते नजर आए। मंदिर-मंदिर जाकर अलग-अलग साधु-संतों से मिलने का सिलसिला काफी देर तक चला। उन्होंने निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास से भी मुलाकात की। बता दें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पद से इस्तीफा देने के बाद संत समाज के बीच जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इन दिनों वह अयोध्या के कई मंदिरों में पहुंचकर साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक चंपत राय ने निर्मोही अखाड़ा के महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने और ट्रस्ट में हुए बदलाव के बाद यह पहला मौका है, जब चंपत राय सीधे संत समाज के बीच पहुंचे। माना जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी संतों के साथ संवाद स्थापित कर पूरे घटनाक्रम का पक्ष रख रहे हैं, ताकि मामले को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक अपने मंदिर दौरों में चंपत राय संतों को यह भी बता रहे हैं कि चढ़ावा चोरी मामले में अब तक क्या-क्या प्रशासनिक और संस्थागत कदम उठाए गए है। उनके लगातार हो रहे संत संपर्क अभियान को राम मंदिर प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक गलियारों में उनके इन दौरों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी है। इन सबके बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आईजी किरण एस के नेतृत्व वाली नवगठित एसआईटी अयोध्या आ सकती है। एसआईटी ट्रस्ट की संपत्तियों, बैंक खातों और लॉकरों का भौतिक सत्यापन कर नए सिरे से रिपोर्ट बनाएगी। इससे पहले अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने 12 घंटे से ज्यादा समय तक बैंक में संपत्तियों का परीक्षण और वीडियोग्राफी कराकर विवरण तैयार किया है।


