विपक्ष के आक्रामक रूख के कारण छह बार स्थगित करनी पड़ी संसद की कार्रवाई…
कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ अभियान को लेकर दिल्ली में जंतर मंतर से लेकर संसद तक मचा रहा हंगामा, युवाओं को रोकने पलिस
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से बच्चों की आवाज दबा रही सरकार : खरगे
मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन : सीजेपी
नई दिल्ली । मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के चलते कार्यवाही नहीं चल पाई। लोकसभा और राज्यसभा को छह बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग कर रहे थे। कुछ सांसद पोस्टर-बैनर लेकर सदन के अंदर आए। मल्लिकार्जुन खडग़े ने राज्यसभा में जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर चर्चा की। खडग़े ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। उधर हंगामे के बीच लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश किया। दोपहर 3 बजे लोकसभा का कार्यवाही फिर से शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ अभियान को लेकर दिल्ली में जंतर मंतर से लेकर संसद तक हंगामा मचा रहा। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड्स पार करके संसद की ओर बढऩे की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हजारों समर्थक जंतर-मंतर पर जमा हुए, जहां विपक्षी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए, हालांकि बाद में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हटा दिया और जंतर मंतर खाली करवा दिया। इस बीच सीजेपी के संसद चलो अभियान का असर संसद की कार्यवाही पर भी दिखी। इस मुद्दे पर संसद में भी हंगामा होता रहा और कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गयी। दूसरी ओर केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से संपर्क साधकर समाधान निकालने का प्रयास किया है। सीजेपी नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। नड्डा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मामले पर आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे। सौरव दास ने कहा है कि सीजेपी की मांगे जब तक मानी नहीं जातीं, तब तक सीजेपी की प्रदर्शन जारी रहेगा।
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50 लोगों के सिर फोड़ दिए
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि उसके नेता अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे से इनकार किया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में एक 12 वर्षीय लडक़ी पर हमला हुआ और 40 से 50 प्रदर्शनकारियों के सिर फूट गए। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। जवाब में दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को गलत और भ्रामक बताया।
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पांच मेट्रो स्टेशन बंद, यात्री फंसे
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सीजेपी के पार्लियामेंट मार्च को लेकर सुरक्षा चिंताओं के कारण सोमवार को पांच मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए, जिससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी हुई। गेट बंद रहने के कारण राजीव चौक, पटेल चौक और दूसरे स्टेशनों पर भीड़ जमा हो गई। कुछ प्रदर्शनकारी मेट्रो परिसर के अंदर इक_ा हुए और नारे लगाए, जबकि पटेल चौक स्टेशन के पास सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
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शास्त्री भवन के पास छोड़े गए आंसू गैस के गोले
सूत्रों ने बताया कि सिक्योरिटी फोर्स ने शास्त्री भवन के पास आंसू गैस के गोले छोड़े, जब प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड तोडऩे और कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। हाई-सिक्योरिटी जोन में सिक्योरिटी कड़ी कर दी गई थी, जिसमें पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों की भारी तैनाती की गई थी। आस-पास के मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच रोक दी गई थी, कई गेट बंद कर दिए गए थे और अधिकारियों द्वारा एहतियाती कदम उठाए जाने के कारण यात्री फंसे हुए थे।
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खरगे ने लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा
इस बीच कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के मानसून सत्र के दौरान आरोप लगाया। सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया और दावा किया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज हुआ था। सदन को संबोधित करते हुए, खरगे ने कहा, यह छात्रों से जुड़ा मामला है; मैं लाखों बच्चों के भविष्य के बारे में बोल रहा हूं। इस कारण से हजारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है। सरकार बल प्रयोग करने, आवाज दबाने और गाड़ी चलाने की कोशिश कर रही है। उन्हें दूर करो।
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मंगवाई अतिरिक्त पुलिसफोर्स
संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ। इसके पहले दिन ही संसद के गेट बंद कर दिए गए। ऐसा इस वजह से क्योंकि प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ नीट यूजी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च कर रही है। सोशल मीडिया पर दिख रहे वीडियो में सुरक्षा अधिकारी गेट बंद करते और संसद परिसर में अपनी जगह लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीआईएसएफ के सूत्रो ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में लगभग 5000 लोग शामिल होंगे, लेकिन जंतर-मंतर से मार्च के लिए कम से कम 12000 लोग जमा हो गए हैं। खबरों के अनुसार, संसद के रास्ते में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और वे घायल भी हुए। इससे पहले सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस को सभी 14 जिलों में एक जरूरी संदेश भेजना पड़ा। इसमें हर जिले से तुरंत एक एसीपी रैंक के अधिकारी और 100 पुलिसकर्मियों को उस इलाके में तैनात करने के लिए कहा गया। यह तब हुआ जब नई दिल्ली जिले में पैरामिलिट्री फोर्स की 32 कंपनियां पहले से ही तैनात थीं।
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इस्तीफा, रिहाई और मुआवजा की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और तीन प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई समेत तीन मांगे रखी हैं। दूसरी मांग में पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग उठाई। वहीं तीसरी मांग के तहत नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मामले में सरकार को जवाबदेही तय करते हुए जरूरी कदम उठाने चाहिए।


