लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्रों में भगदड़ मच गई। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी। इससे वह घायल हो गए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बयान के मुताबिक, हादसे में 14 छात्रों की मौत हुई है। मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद भी पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई आग की घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि लखनऊ में आग की दुर्घटना में हुई जनहानि से प्रधानमंत्री व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा हादसे में जख्मी हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
आग लगने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आगे के सभी कार्यक्रम रद्द कर अलीगढ़ से लखनऊ के लिए रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने उप्र के पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह समेत अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी हार्दिक इच्छा थी कि आज मैं अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अभी-अभी मुझे जानकारी मिली है कि लखनऊ में एक आग लगने की दुखद घटना हुई है। उसकी चपेट में कुछ बच्चे आये हैं। उनकी दुखद मौत हुई है। इसलिए मुझे तत्काल वापस जाना पड़ रहा है, जिन्होंने जान खोई उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले के लिए पुलिस महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव (गृह) को भी कहा है कि मौके पर जाकर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मैं स्वयं भी वहां के लिए प्रस्थान कर रहा हूँ जिससे इस पूरे मामले की तह में जाकर दोषियों को सज़ा भी दे सकें और उन पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त कर सकें।


