पाकुड़। जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी प्रदीप कुमार भगत पिछले करीब 10 महीनों से एक अनोखी समस्या से जूझ रहे हैं। उनकी बाइक पाकुड़ में संचालित हो रही है, लेकिन ट्रैफिक नियम उल्लंघन के चालान बिहार के भागलपुर से लगातार उनके नाम पर जारी किए जा रहे हैं।जानकारी के अनुसार प्रदीप कुमार भगत के पास लाल रंग की होंडा शाइन मोटरसाइकिल है, जिसका पंजीकरण संख्या JH17P-8002 है। वहीं भागलपुर में इसी नंबर की एक अन्य बाइक चलने की बात सामने आई है। बताया जाता है कि वह बाइक काले रंग की हीरो पैशन प्रो है। मॉडल और रंग अलग होने के बावजूद दोनों वाहनों पर एक ही नंबर अंकित होने से मामला उलझ गया है।प्रदीप ने बताया कि उन्हें अब तक कुल नौ बार ई-चालान प्राप्त हो चुका है। पहला चालान 15 अगस्त 2025 को ₹3,000 का जारी किया गया था। इसके बाद 17 अक्टूबर 2025, 5 मार्च 2026, 16 मार्च 2026, 19 मार्च 2026, 21 मार्च 2026, 3 जून 2026, 6 जून 2026 तथा 18 जून 2026 को भी विभिन्न ट्रैफिक नियम उल्लंघन के आरोप में चालान भेजे गए।
मामले की शिकायत करने पर भागलपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट हुआ कि चालान जिस वाहन का काटा गया है, वह प्रदीप की बाइक नहीं है। फुटेज में दिखाई देने वाली बाइक का मॉडल और रंग दोनों अलग हैं, जबकि नंबर प्लेट पर वही नंबर अंकित है।पीड़ित ने इस संबंध में पाकुड़ और भागलपुर के संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग करने वाले वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।इस घटना ने वाहन पंजीकरण और नंबर प्लेट सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक ही नंबर से दो वाहन अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं, तो इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए ताकि निर्दोष वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रदीप कुमार भगत ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने वाले वाहन को चिन्हित किया जाए तथा उनके नाम पर जारी सभी गलत चालानों को निरस्त किया जाए।


