बागी सांसदों के पत्र और दावों के बीच अभिनेता ने दी सफाई
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में मचे आंतरिक घमासान के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। रविवार को सांसद काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सूचित किया कि वे ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय करना चाहते हैं। बागियों ने लोकसभा अध्यक्ष से संसद के भीतर अपने गुट के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है। हालांकि, लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपने के दौरान सामने आई तस्वीरों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि वहां टीएमसी के केवल 17 बागी सांसद ही मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जबकि काकोली घोष का दावा है कि उन्होंने कुल 20 बागी सांसदों के हस्ताक्षर वाला आधिकारिक पत्र सौंपा है। इस संख्या बल के विवाद के बीच ही एनसीपीआई के एक सोशल मीडिया कदम ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
एनसीपीआई ने अपने ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट से आसनसोल के सांसद और दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की तस्वीर साझा करते हुए उनके पार्टी में शामिल होने पर खुशी जताई। पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा कि नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया के परिवार में एक जाने-माने जननेता का हार्दिक स्वागत है। हमें पूरा विश्वास है कि आपका लंबा राजनीतिक अनुभव, जनसंपर्क और लोगों के प्रति प्रतिबद्धता हमारे संगठन को और मजबूत तथा समृद्ध बनाएगी। देश और जनता की भलाई के लिए मिलकर काम करते हुए, हम न्याय, समानता, पारदर्शिता और विकास वाला एक नया भारत बनाएंगे। इस पोस्ट के सामने आते ही यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या शत्रुघ्न सिन्हा का भी मूड बदल चुका है और वह गुपचुप तरीके से बागी सांसदों के खेमे में शामिल होकर नई पार्टी का हिस्सा बन चुके हैं।
हालांकि, इन तमाम कयासों और अटकलों पर खुद शत्रुघ्न सिन्हा ने पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में एलान किया है कि वह किसी भी परिस्थिति में अपनी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर में ममता बनर्जी उनके साथ मजबूती से खड़ी थीं, इसलिए आज उनका यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह भी संकट के इस समय में अपनी नेता के साथ पूरी ताकत से खड़े रहें। बागी सांसदों की सूची में अपना नाम उछाले जाने की कोशिशों को सिरे से खारिज करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उनका रुख बिल्कुल साफ है और वह अपना तीन लाइन का व्हिप जारी करते हुए घोषणा करते हैं कि वह तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के साथ थे, हैं और आगे भी हमेशा रहेंगे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने स्वीकार किया कि सिनेमा और राजनीति के लंबे सफर के कारण विभिन्न राजनीतिक दलों में उनके बहुत से मित्र हैं, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह अपनी निष्ठा बदल रहे हैं। उन्होंने बागी सांसदों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग केंद्रीय जांच एजेंसियों के दबाव, डर या किसी बड़े प्रलोभन के कारण अपना रास्ता बदल सकते हैं, लेकिन वह अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने अपनी आसनसोल की जीत का पूरा श्रेय ममता बनर्जी, टीएमसी के कार्यकर्ताओं और वहां की जनता को दिया। सिन्हा ने खुलासा किया कि उन्हें भी बागी गुट में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया और वह भविष्य में भी ममता बनर्जी के सिपाही बने रहेंगे।


