दो कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, भेजे गए जेल
साहिबगंज । साहिबगंज जिले के बोरियो और बरहेट प्रखंड में सामने आए कथित पेंशन घोटाला मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बोरियो प्रखंड के शशि कुमार उर्फ मुन्ना और बरहेट प्रखंड के राहुल कुमार शामिल हैं।एसपी अमित कुमार सिंह ने बताया कि बोरियो बीडीओ और बरहेट बीडीओ से प्राप्त शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.बोरियो थाना कांड संख्या 48/26 और बरहेट थाना कांड संख्या 71/26 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।पेंशन योजना में कथित अनियमितता की जांच के दौरान जिला प्रशासन ने बोरियो प्रखंड कार्यालय से बड़े पैमाने पर दस्तावेज और तकनीकी सामग्री जब्त की है।अधिकारियों ने लगभग 20 हजार आवेदन प्रपत्र, कंप्यूटर, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात अपने कब्जे में लिए हैं।
जानकारी के अनुसार पूरी कार्रवाई प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों की मौजूदगी में की गई और रात करीब तीन बजे तक दस्तावेज जब्त करने का काम चलता रहा।प्रशासनिक टीम अब इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़ा किस स्तर तक फैला हुआ है।कथित पेंशन घोटाले की जांच के बीच जिले के हजारों वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन लाभुकों की चिंता बढ़ गई है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पेंशन भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी है। डीसी के निर्देश पर डीडीसी सतीश चन्द्र के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।जो पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है। लाभुकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच पूरी होने तक उनका रुका हुआ पेंशन कब जारी होगा।
वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केवल बोरियो और बरहेट ही नहीं, बल्कि जिले के सभी नौ प्रखंडों में पेंशन योजनाओं की जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आ सके।बोरियो और बरहेट प्रखंड में सामने आए कथित पेंशन घोटाले के बाद जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पूरे जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी प्रखंडों में पेंशन लाभुकों के रिकॉर्ड, आवेदन पत्र, बैंक खातों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।जांच के दौरान लाभुकों के कागजात का मिलान किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर लाभुकों की सशरीर उपस्थिति के माध्यम से भी सत्यापन कराया जा सकता है।सूत्रों की मानें तो जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं फर्जी लाभुकों के नाम पर पेंशन राशि का भुगतान तो नहीं किया गया।
प्रशासन का उद्देश्य वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करना और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।बोरियो और बरहेट में सामने आए मामले के बाद अन्य प्रखंडों में भी अभिलेखों की बारीकी से जांच की जा रही है।पेंशन घोटाले में दो कंप्यूटर ऑपरेटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले की गहराई तक पहुंचने की तैयारी में है।सूत्रों के अनुसार बोरियो के शशि कुमार उर्फ मुन्ना और बरहेट के राहुल कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुलिस उनके रिमांड की प्रक्रिया अपना सकती है।रिमांड के दौरान पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना जताई जा रही है।पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों की नजर अब केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं है।जब्त किए गए कंप्यूटर, दस्तावेज, आवेदन पत्र और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कई और लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।अधिकारियों का मानना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं की गहन जांच जरूरी है।पुलिस का दावा है कि दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


