कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी बगावत और उथल-पुथल के बीच, सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने उन अफवाहों पर विराम लगाया है, जिसमें उनके पार्टी छोड़ने की बात सामने आई थी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ ही बने रहने वाले है आसनसोल लोकसभा सीट से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता ने मेरे मुश्किल वक्त में मेरा पूरा साथ दिया था। अब जब पार्टी और वह खुद एक दुख की घड़ी से गुजर रही हैं, तब मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा। उन्होंने दृढ़ता से कहा, मैं टीएमसी छोड़कर नहीं जाऊंगा।
बात दें कि बिहारी बाबू के टीएमसी से अलग होने की अटकलें हाल ही में तेज हुई थीं। गौरतलब है कि टीएमसी में आने से पहले, सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में थे और पटना साहिब से सांसद रहे थे। बीजेपी से टिकट कटने के बाद उन्होंने ममता बनर्जी का दामन थामा था और आसनसोल से लोकसभा पहुंचे थे। इसके पहले टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी शत्रुघ्न सिन्हा के पार्टी न छोड़ने का दावा किया था। आजाद ने बताया था कि उनकी सिन्हा से बात हुई थी, और उनके कहने पर शत्रुघ्न सिन्हा की ममता बनर्जी से भी सीधी बात हुई थी। कीर्ति आजाद ने तभी पुष्टि कर दी थी कि सिन्हा टीएमसी के साथ ही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है। राज्य में ऋतब्रत के नेतृत्व में कुछ विधायकों ने अलग गुट बनाया है, वहीं दिल्ली में सांसदों के हस्ताक्षर वाली एक कथित चिट्ठी लोकसभा स्पीकर को सौंपने की चर्चा है, जिसमें 19 सांसदों के हस्ताक्षर होने का दावा है। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शत्रुघ्न सिन्हा का यह बयान टीएमसी के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है।
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