तेज गति से चलाई गाड़ी तो मोबाइल पर पहुंचेगा ऑनलाइन चालान
रांची । झारखंड से गुजरने वाले स्टेट व नेशनल हाइवे पर भी स्पीड रिकॉग्निशन कैमरे लगेंगे। इन कैमरों के पहले उक्त हाईवे पर स्पीड निर्धारण से संबंधित संकेतक लगेंगे, ताकि वाहन चालक उसके अनुरूप स्पीड रख सकें। इस निर्धारित स्पीड को तोडऩे पर हाईवे पर जहां-तहां लगे कैमरे उक्त वाहन के नंबर प्लेट को कैप्चर कर ब्यौरा लेंगे और फिर उसके आधार पर चालान कार्रवाई की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में कुछ जगहों पर स्पीड रिकॉग्निशन कैमरे तो हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा पर सख्ती के लिए ये पर्याप्त नहीं हैं। नवनिर्मित रांची-पटना नेशनल हाईवे पर बिहार में ऐसे कैमरे लगे हुए हैं। बिहार के स्टेट हाइवे पर भी ऐसे कैमरे लगे हैं और निर्धारित स्पीड तोडऩे वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है।
पूर्व में सड़क सुरक्षा कोषांग की बैठकों में स्पीड रिकॉग्निशन कैमरों की जरुरत बताई थी। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई कि ज्यादातर दुर्घटनाएं तेज रफ्तार में वाहन चलाने से होती है। इसके बाद ही इसके विरुद्ध इंफोर्समेंट पर जोर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक सड़क सुरक्षा कोषांग की बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं में मौत के पीछे तेज रफ्तार में वाहन चलाना सामने आ चुका है। जुर्माना होने से लोगों में दंड का भय होगा और वे नियंत्रित स्पीड में गाड़ी चलाएंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं में जान-माल के नुकसान को रोका जा सकेगा। यही वजह है कि केंद्र व राज्य सरकारें हाईवे पर कैमरे लगाने की कोशिश कर रही हैं। इससे दुर्घटनाएं तो रुकेंगी ही, जो अन्य अपराध करके भी भागेगा, वह भी कैमरे में कैद होगा और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सकेगी। सिराज/ईएमएस 10जून26


