चतरा । चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड स्थित बक्शा डैम में रविवार सुबह प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग आक्रोशित हो उठे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने नगवां चौक के समीप इटखोरी-चतरा मुख्य मार्ग को जाम कर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जताई। करीब एक घंटे तक चले सड़क जाम के कारण यातायात प्रभावित रहा और मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह, थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह और अंचल अधिकारी सविता सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम शामिल है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपितों ने प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी देने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि घटना की जानकारी सार्वजनिक होने और कानूनी कार्रवाई के भय से उन्होंने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पशु के अवशेष डैम में फेंक दिए थे।
इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में आरोपितों के घरों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एक फ्रिज से प्रतिबंधित मांस बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर थाना ले जाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विरोध प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।


