श्रीनगर । अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जा रहे हैं। 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाली इस वर्ष की यात्रा के लिए 80 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था मानी जा रही है।
सुरक्षा योजना के तहत लगभग 60 हजार अर्धसैनिक बलों के जवानों को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 700 कंपनियां विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में लगाई जाएंगी। इनके अलावा पहले से तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना के करीब 20 हजार जवान भी यात्रा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यात्रा मार्गों, आधार शिविरों, संवेदनशील स्थानों और श्रद्धालुओं के ठहराव केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीक, निगरानी उपकरणों और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के जरिए यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने की तैयारी में जुटी हैं। इस वर्ष सुरक्षा बढ़ाने का एक प्रमुख कारण यात्रा की अवधि में वृद्धि भी है। पिछले वर्ष यात्रा 38 दिनों तक चली थी, जबकि इस बार इसकी अवधि लगभग दो महीने निर्धारित की गई है। लंबी अवधि के कारण अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार देशभर से 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा के साथ-साथ यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा के दौरान किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बलों तथा प्रशासन के बीच समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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