संगठन चाहते हैं- कर्मचारियों को अलग-अलग पेंशन विकल्पों में चयन की मिले सुविधा
नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो वेतन आयोग साल 2027 की पहली छमाही तक वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। इससे पहले केंद्रीय कर्मचारियों के पेंशन को लेकर बड़ा बदलाव हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट में कर्मचारी संगठन और यूनियन प्रतिनिधियों के हवाले से बताया गया है कि सरकार के स्तर पर ऐसी व्यवस्था पर विचार चल रहा है जिसमें कर्मचारियों को अपनी पेंशन संरचना चुनने की स्वतंत्रता मिल सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन कर्मचारी संगठनों का दावा है कि अगले दो से चार महीनों में इस दिशा में प्रगति हो सकती है।
वर्तमान में 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए ज्यादातर केंद्रीय कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत आते हैं। इस योजना के तहत सरकार और कर्मचारी, दोनों बराबर हिस्सा जमा करते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन बाजार के प्रदर्शन और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करती है। इससे पहले ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) थी। इस स्कीम में केंद्रीय कर्मचारी को अंतिम वेतन और महंगाई भत्ते के आधार पर निश्चित पेंशन की गारंटी मिलती थी। हाल ही में सरकार ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) की शुरुआत की है। इस स्कीम में एनपीएस और ओपीएस दोनों की कुछ विशेषताओं को जोड़ने की कोशिश की गई।
अब कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि कर्मचारियों को अलग-अलग पेंशन विकल्पों में चयन की सुविधा दी जाए ताकि उन्हें रिटायरमेंट के बाद ज्यादा सुरक्षा और स्पष्टता मिल सके। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन ने भी इस मुद्दे को आठवें वेतन आयोग के सामने उठाया है। कर्मचारी यूनियनों के मुताबिक एनपीएस के तहत पेंशन पूरी तरह बाजार पर निर्भर होने से कर्मचारियों में भविष्य को लेकर चिंता है। ऐसे में तय पेंशन और ओपीएस जैसी गारंटी की मांग की जा रही है। वहीं, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से जुड़े नियमों में बदलाव की भी मांग है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले साल की पहली छमाही तक आ सकती है। बता दें सरकार ने पिछले साल वेतन आयोग का गठन किया था। इसके बाद इस साल फरवरी महीने में वेतन आयोग ने एक वेबसाइट लॉन्च किया। वेबसाइट के जरिए वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और इनसे जुड़े संगठनों से सुझाव मांगे थे। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के साथ वेतन आयोग की बैठकें भी चल रही हैं। इन बैठकों के बाद वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।


