रांची । झारखंड में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के गढ़वा, पलामू और चतरा जिलों में 25 और 26 मई को हीट वेव चलने की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पलामू जिले में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा गढ़वा और चतरा में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी रांची में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। यहां अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि दोपहर बाद आंशिक बादल छाने से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग ने 24 मई को राज्य के उत्तर-पूर्वी और इससे सटे मध्यवर्ती जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है।
विभाग के अनुसार, इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री और न्यूनतम 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री और न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि चाईबासा में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, राज्य में सबसे कम तापमान गुमला जिले में 22.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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पलामू में लू लगने से दो की मौत
पलामू । जिले में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को दिन भर तीखी धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। इस बीच जिले के छतरपुर में लू लगने से एक बुजुर्ग सहित दो की मौत हो गई। जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के बचकोमा के तीनमुहान जंगल में बुजुर्ग भदई भुइयां (60) की मौत हो गयी। भदई नौडीहा बाजार के फटिया के रहने वाले थे। कुछ दिन से अपनी बेटी के घर बाघामाड़ा में रहते थे। दो दिन पहले घर जाने के लिए बेटी के घर से निकले थे। घर नहीं पहुंचने पर उनकी खोजबीन की गई। इस बीच शुक्रवार को बचकोमा के तीनमुहान जंगल में भदई की अद्र्वनग्न शव बरामद हुआ। संभावना जतायी जा रही है कि तेज गर्मी और लू लगने से उनकी मौत हुई। इधर, छतरपुर अस्पताल के पीछे एक शव मिला है, जिसकी पहचान नामुदाग के मनसाटाड़ गांव निवासी विनोद राम के रूप में हुई है। विनोद अस्पताल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गयी।
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भीषण गर्मी को लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
रांची । झारखंड में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए झारखंड समाज कल्याण आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने राज्यभर के आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित करने की मांग उठाई है। संघ के संयोजक जेपी पांडेय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। जेपी पांडेय ने अपने पत्र में कहा है कि वैज्ञानिकों ने सुपर अल नीनो के प्रभाव के कारण अगले दो महीनों तक अत्यधिक गर्मी पडऩे की संभावना जताई है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की भीषण गर्मी पूर्व में वर्ष 1870 में देखने को मिली थी। ऐसे हालात में आंगनवाड़ी केंद्रों में पढऩे वाले छोटे बच्चों को गर्मी की छुट्टी नहीं दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। जेपी पांडेय ने कहा कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले नन्हे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही कई आंगनवाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं भी गर्मी की चपेट में आ चुकी हैं। बावजूद इसके सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संघ के संयोजक ने राज्य सरकार पर आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यभर में कार्यरत सेविका और सहायिकाओं को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा पोषण राशन की राशि, मोबाइल रिचार्ज मद, मकान भाड़ा तथा सीबीई मद की राशि का भुगतान भी अब तक लंबित है। जेपी पांडेय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बच्चों और आंगनवाड़ी कर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया जाए। साथ ही लंबित भुगतान की समस्याओं का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।


