हुमायूं कबीर की कार पर हमला, भाजपा उम्मीद्वार सुवेंदु सरकार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
कोलकाता/चेन्नई । पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार को बंपर वोटिंग हुई। बंगाल की 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले फेज में 91.46 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर रिकॉर्ड 84.41 प्रतिशत वोटिंग हुई। पश्चिम बंगाल में इससे पहले 2021 के चुनाव में राज्य में 81.69 प्रतिशत मतदान हुआ था. वहीं, तमिलनाडु की 234 सीटों पर 82.24 प्रतिशत वोटिंग हुई है। दोनों राज्यों के इतिहास में पहली बार सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है। एक तरफ मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंचे, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और धांधली के गंभीर मामले सामने आए हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है। मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया। कूचबिहार के तूफानगंज इलाके में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख वहाँ तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने मोर्चा संभाला।
सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को खदेडकऱ स्थिति को तितर-बितर किया। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि शुभेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर बूथ जैमिंग की जा रही है। जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुँचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया। शुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें पीटा। मालदा के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में बालुआचारा हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर ईवीएम में खराबी आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। चुनाव आयोग के अधिकारी के पहुंचने में देरी होने पर वोटर भडक़ गए और उन्होंने अधिकारी को घेर लिया और बंधक सा बना लिया। कई मतदाता अफसर की बांह पकडकऱ उन्हें खींचते हुए और उनके साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दिए। तृणमूल कैंप ऑफिस में तोडफ़ोड़ मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए। यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताजमुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोडफ़ोड़ की गई। सिलीगुड़ी में भिड़े टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी।
घटना के वक्त इलाके से भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे। केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से प्रिय घटना टल गई और मतदान की प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका। 5 स्पेशल ट्रेनों से वोटर लाए गए आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले रात में पांच विशेष ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं। बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है। उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं। मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है। कई जगह ईवीएम खराब, हंगामा बीरभूम के बोधपुर गांव में लोगों पर सेंट्रल फोर्स पर हमला करने का आरोप है। यहां के पोलिंग बूथ पर ईवीएम खराब होने के बाद वोटर्स और पुलिस के बीच बहस हो गई। इसके बाद लोगों ने सेंट्रल फोर्स पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ी में भी तोडफ़ोड़ की। घटना में सेंट्रल फोर्स के जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। पश्चिम बर्दवान जिले की कुल्टी विधानसभा में बूथ नंबर 245 में ईवीएम में खराबी के कारण करीब 2 घंटे तक वोटिंग प्रभावित रही। इससे जनता को भी परेशान हुई।


