श्रावणी मेला से पूर्व प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ अलर्ट मोड में, सुरक्षा व्यवस्था को किया गया और अधिक सुदृढ़
शेखर सुमन
देवघर। प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम मंदिर को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीर आशंका जताई है। पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच ने श्रावणी मेला को देखते हुए मंदिर की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि मेला के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और लगातार निगरानी बेहद जरूरी है। यह रिपोर्ट डीजीपी, देवघर डीसी और एसपी को भेजी गई है।
अलर्ट के बाद मंदिर परिसर का पूरा माहौल बदल गया है। चारों प्रवेश द्वारों पर पहले से कहीं ज्यादा सख्ती दिखाई दे रही है। हर गेट पर पुलिसकर्मी मेटल डिटेक्टर के साथ तैनात हैं और एक-एक श्रद्धालु की गहन जांच की जा रही है। अब बिना जांच के किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है। श्रद्धालुओं को बैग खोलकर दिखाना पड़ रहा है, शरीर की स्कैनिंग की जा रही है और संदिग्ध लगने पर पूछताछ भी हो रही है।
क्यू कॉम्प्लेक्स से वीआईपी मार्ग तक कड़ी निगरानी
मंदिर के क्यू कॉम्प्लेक्स में भी सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है। तैनात जवान भीड़ को नियंत्रित करने के साथ हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। वीआईपी दर्शन मार्ग और पासधारी श्रद्धालुओं के रास्तों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और हर स्तर पर जांच की जा रही है।
मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए 50 आईआरबी जवान और 25 गृहरक्षक जवानों की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मौजूदगी साफ महसूस हो रही है। लगातार गश्ती और निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सीसीटीवी से 24 घंटे नजर
मंदिर परिसर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम में तैनात टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। क्यू लाइन से लेकर गर्भगृह और बाहरी क्षेत्र तक हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है। किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत ग्राउंड टीम को अलर्ट किया जा रहा है।
प्रशासन की अपील, सहयोग करें श्रद्धालु
मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और कम से कम सामान लेकर ही मंदिर पहुंचे। बिना जांच के किसी भी वस्तु को अंदर ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
खतरे की आशंका के पीछे वजह
सूत्रों के अनुसार 22 मार्च 2026 को गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में यह संकेत मिला था कि देवघर का बाबा मंदिर संदिग्धों के निशाने पर हो सकता है। इसी इनपुट के आधार पर स्पेशल ब्रांच ने अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा की इस सख्ती के बीच प्रशासन यह भी सुनिश्चित करने में जुटा है कि श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन में किसी तरह की असुविधा न हो। हालांकि साफ है कि इस बार सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम लेने के मूड में प्रशासन नहीं है।


