●प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार और एफओ डॉ. संजय कुमार सिन्हा के विरुद्ध लगे आरोपों की जांच टली
◆नियुक्ति, प्रोन्नति और वित्तीय मामले में अनियमिता की जांच का राज्यपाल ने दिया है आदेश
विशेष संवाददाता
दुमका । लोक भवन के स्पष्ट आदेश के बावजूद एसकेएमयू के प्रॉक्टर डॉ. राजीव कुमार और वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा के विरुद्ध लगे आरोपों की जांच टाल दी गई है।विश्वविद्यालय के दोनों अधिकारियों पर नियुक्ति, प्रोन्नति और वित्तीय मामले में कई तरह की अनियमिताओं के आरोपों को झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति ने गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया था।लोक भवन ने राज्यपाल के आदेश से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराते हुए सभी आरोपों की जांच करा कर तथ्यात्मक रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश भेजा था।लोक भवन के इस आदेश पर विश्वविद्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की।जहां 15 दिनों के अंदर जांच करा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराना था,वहां अब तक जांच भी शुरू नहीं हुई है।सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी बना कर जांच कराने के बजाए लोक भवन से मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्णय लिया है।इस संबंध में कुलपति के कार्यों को देख रहे डीएसडब्ल्यू डॉ. जैनेंद्र यादव ने बताया कि वे कुलपति की अनुपस्थिति में सिर्फ रूटीन कार्यों का ही निष्पादन कर रहे हैं।इधर कुलसचिव डॉ. राजीव रंजन शर्मा ने पूछे जाने पर बताया कि लोक भवन से मार्गदर्शन मांगा गया है।बता दें कि कुलपति डॉ. कुनुल कंदीर पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ होने के कारण मुख्यालय से बाहर हैं।इधर जिन दो अधिकारियों के विरुद्ध आरोपों की जांच होनी है उनमें एक डॉ. राजीव कुमार प्रॉक्टर के साथ वीसी के ओएसडी का पद भी संभाल रहे हैं।दूसरे आरोपी अधिकारी डॉ. संजय कुमार सिन्हा पूर्व में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार रह चुके हैं और वर्तमान में एसकेएमयू के वित्त पदाधिकारी हैं।


