●दुमका शहर में वाहन पार्किंग वसूली के डाक के लिए टेंडर को लेकर हुआ विवाद
◆उठा सवाल-नगर निकाय चुनाव के बाद शपथ से पहले कैसे निकला टेंडर
सुमन सिंह
दुमका । दुमका नगर परिषद में निकाले गए एक टेंडर को लेकर विवाद हो गया और नव निर्वाचित अध्यक्ष की आपत्ति के बाद टेंडर को आनन-फानन में रद्द करना पड़ा।दुमका में नगर निकाय चुनाव हो चुका है पर अभी नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण होना बाकी है।इस बीच दुमका नगर परिषद के प्रशासक ने शहर में दारूका पेट्रोल पंप के वाहन पार्किंग से दोपहिया और चार पहिया वाहनों से शुल्क वसूली के डाक के लिए टेंडर निकाल दिया था।यह टेंडर 12 मार्च को निकाला गया जिसमें डाक की तिथि 28 मार्च को रखी गई थी।बता दें कि 23 फरवरी को नगर निकाय का चुनाव और मतगणना 27 फरवरी को हुई थी।20 मार्च को नवनिर्वाचित अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों का शपथ ग्रहण होना है। नव निर्वाचित अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने नगर परिषद के प्रशासक के समक्ष यह आपत्ति जताई कि शपथ ग्रहण से पहले किस परिस्थिति में और किसके आदेश पर टेंडर निकाला गया।नगर परिषद के अध्यक्ष श्री चौरसिया की आपत्ति के बाद नप प्रशासक ने वाहन पार्किंग शुल्क वसूली के डाक के टेंडर को परिहार्य कारण बताते हुए रद्द कर दिया।
इस संबंध में पूछे जाने पर नव निर्वाचित अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने बताया कि नगर परिषद का चुनाव हो चुका है तो बिना बोर्ड की अनुमति का टेंडर निकालने का क्या औचित्य है।इस सम्बन्ध में उन्होंने अपनी आपत्ति से नगर परिषद के अधिकारी से बात की थी।अभिषेक चौरसिया ने कहा कि विगत कई साल से वाहन पार्किंग का टेंडर एक ही व्यक्ति को दिया जा रहा था, जिसकी जांच भी होगी।


