सुरेश पासवान ने की देवघर में जर्जर बिजली तार बदलने की मांग
रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान देवघर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश पासवान ने बिजली व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देवघर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देवघर, मोहनपुर प्रखंड और देवीपुर प्रखंड में लगभग 40 वर्षों से बिजली के तार और केबल जर्जर स्थिति में हैं। विधायक ने कहा कि पुराने और खराब तारों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होने का खतरा बना रहता है। कई जगहों पर तार टूटने और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं, जिससे आम लोगों की जान को खतरा बना रहता है। सुरेश पासवान ने विशेष रूप से पुनासी पंचायत, मोहनपुर समेत अन्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बिजली के तार और केबल की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन क्षेत्रों सहित तीनों प्रखंडों में जर्जर बिजली तार और केबल को जल्द बदला जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पुराने तारों को नहीं बदला गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए सरकार को इस मामले में विशेष ध्यान देकर पूरे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाना चाहिए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
त्रिकुट जलाशय और पुणे जलाशय योजना को भी जल्द पूरा किया जाए: सुरेश पासवान
रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक सुरेश पासवान ने विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए राज्य सरकार की सिंचाई और जन कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
विधायक ने पुनासी जलाशय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है। साथ ही मछली पालन के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने राज्य के प्रमुख बांधों चांडिल, मसानजोर, मेधन और स्वर्णरेखा का भी जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सुरेश पासवान ने सरकार से मांग की कि पुनासी की तर्ज पर त्रिकुट जलाशय योजना और पुणे जलाशय योजना को भी जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और साथ ही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर (एम्स) को भी जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य केवल नकारात्मक बातें करने के लिए सदन में आते हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वर्णरेखा डेम की मछली तो पसंद करते हैं, लेकिन सदन में उसी परियोजना की आलोचना करते हैं।
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राजमहल और साहिबगंज में सीवरेज सिस्टम की स्थिति बदहाल : एमटी राजा
रांची। झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राजमहल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मोहम्मद ताजमुद्दीन ने राजमहल और साहिबगंज के शहरी क्षेत्रों में बने सीवरेज सिस्टम की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजमहल और साहिबगंज के शहरी क्षेत्रों में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सीवरेज सिस्टम सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। सीवर लाइन के जाम रहने और नियमित रखरखाव की कमी के कारण गंदा पानी सड़कों और बस्तियों में फैल रहा है। विधायक ने कहा कि इस स्थिति से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही दुर्गंध और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। मोहम्मद ताजमुद्दीन ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और सीवरेज सिस्टम को ठीक करने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके।
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कोयला माइंस के विस्थापितों को नहीं मिला उचित मुआवजा : हेमलाल मुर्मू
रांची। झारखंड विधानसभा में लिट्टीपाड़ा के विधायक हेमलाल मुर्मू ने दुमका जिले में प्रस्तावित नेवेली कोयला माइंस को लेकर विस्थापितों की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि दुमका जिले के गोपी क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला माइंस के लिए कंपनी द्वारा ओवरबर्डन हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। विधायक ने कहा कि प्रभावित लोगों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है और आदिवासियों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप विस्थापन की व्यवस्था भी नहीं की गई है। इसके कारण स्थानीय विस्थापितों में भारी आक्रोश और विरोध देखा जा रहा है। हेमलाल मुर्मू ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि जब तक पुनर्वास और विस्थापन से जुड़ी नीति के तहत बैठक कर प्रभावित लोगों की मांगों पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक उक्त कोयला माइंस को शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के अधिकारों और सम्मान का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है।


