हेमंत सोरेन से टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने की मुलाकात
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरन से सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन एवं टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन ने औपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान झारखंड में टाटा समूह की विकास में भागीदारी पर चर्चा हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कई सारे संस्थाओं का संचालन टाटा समूह की ओर किया जाता है। टाटा समूह झारखंड से अपनी शुरुआत की और यह निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। उम्मीदवार एवं विश्वास है कि टाटा समूह का यह सफर अनवरत और मजबूती के साथ आगे बढ़े। आज एक औपचारिक मुलाकात है।
प्रेस वार्ता में एन. चंद्रशेखरन ने झारखंड में कौशल विकास और औद्योगिक निवेश को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि टाटा समूह राज्य सरकार के साथ मिलकर झारखंड को नई तकनीक, हरित उद्योग और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। चेयरमैन ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर युवाओं के लिए नए कौशल विकसित किए जाएंगे और मौजूदा कौशल को अपग्रेड किया जाएगा। यह पहल राज्य सरकार के सहयोग से संचालित होगी, ताकि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप स्थानीय युवाओं को तैयार किया जा सके। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील के मौजूदा सामाजिक कार्यों के अलावा, टाटा समूह की अन्य कंपनियां भी झारखंड में सीएसआर गतिविधियों का विस्तार करेंगी। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की ओर तय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कौशल विकास पर केंद्रित होंगे।
11,000 करोड़ का निवेश और नई तकनीक
चेयरमैन ने कहा कि टाटा स्टील ने उन्नत तकनीकों के विकास के लिए 11,000 करोड़ रुपये के नए निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा जमशेदपुर में लगाया जाएगा।
विशेष रूप से HIsarna तकनीक के जरिए स्टील निर्माण की प्रक्रिया को तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर काम होगा। इस तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है, जो हरित औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जमशेदपुर में हाइड्रोजन ट्रक पर काम
टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में हाइड्रोजन ट्रक से जुड़ी नई तकनीक पर निवेश किया जा रहा है। यह पहल स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देगी और भविष्य की ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में झारखंड को नई पहचान दे सकती है।
इन परियोजनाओं में अनुसंधान एवं विकास (आर&डी) को भी प्रमुखता दी जाएगी, जिससे विकसित तकनीकों का लाभ न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी मिल सकेगा।
टाटा समूह ‘नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्री’ के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रहा
चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इच्छा के अनुरूप टाटा समूह ‘नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्री’ के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों का एक छोटा समूह गठित किया जाएगा, जो राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर झारखंड में नए निवेश और विकास के अवसरों की पहचान करेगा।
प्रेस वार्ता में मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत टाटा समूह के अन्य अधिकारी मौजूद थे।


