रांची । देवघर के विधायक सुरेश पासवान ने गुरुवार को विधानसभा में देवघर के पास त्रिकुट पर्वत पर वर्षों से बंद रोपवे का मामला उठाया। उन्होंने कहा की इस परियोजना पर राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन इसका लाभ पर्यटकों को नहीं मिल रहा है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों में निराशा व्याप्त हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की इस रोपवे को जल्द से जल्द चालू किया जाएं ताकि इससे होने वाले राजस्व की छति को रोका जा सके। उन्होंने कहा की देवघर में लाखों की लागत से तारामंडल बनकर तैयार है लेकिन वह भी बंद पड़ा हुआ है देवघर एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थस्थल है, यहा देश-विदेश के लाखों पर्यटक आते हैं लेकिन पर्यटकों के मनोरंजन के लिए यहां कोई विशेष सुविधा उपल्बध नहीं है, सरकार इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करें।
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आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर मंत्री को कांग्रेस विधायकों ने घेरा
रांची । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में आदिवासी प्रकृति की जमीन के अवैध हस्तांतरण की ध्यानाकर्षण सूचना देते हुए डेमोग्राफी बदलाव व राजनीतिक समाजिक प्रभावों पर सवाल पूछा गया। कांग्रेसी विधायकों ने अवैध हस्तांतरित भूमि पर नक्शा पास होने का मुद्दा उठाया तो मंत्री सुदव्य कुमार को कहना पड़ा कि सदन सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। अलग-अलग विभाग के मंत्री ही अपने विभाग का जवाब दे सकते हैं, इसलिए सदस्य वस्तुनिष्ठ सवाल पूछें। नमन ने राजस्व विभाग से जुड़े ध्यानाकर्षण में पूरक सवाल पूछा कि बगैर नक्शा के घर बनाए जा रहे हैं। बिजली, पानी का कनेक्शन ले रहे हैं।इस पर रोक से भी अवैध हस्तांतरण रुकेगा।राजस्व मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि अवैध हस्तांतरण के कारण समाजिक परिदृश्य बदल रहा, यह सच है। लेकिन सीएनटी एक्ट के दायरे में ही विभाग काम करता है। अलग से राजस्व विभाग के पास कोई व्यवस्था नहीं है कि नए सिरे से कानून बनाकर काम करे।दीपक बिरूआ ने कहा कि 2012 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने आदेश जारी किया था कि किसी आदिवासी जमीन की बिक्री या विक्रय नहीं होने दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो 71ए के तहत उनकी जमीन वापसी की कार्रवाई की जाए। राजस्व विभाग इससे इतर काम नहीं कर सकता। अवैध हस्तांतरण पर विधायक और मंत्री के जवाब मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट के उल्लंघन करने वाले और अवैध तरीके से वास करने वाले दोषी हैं। बिजली या पानी कनेक्शन आदिवासियों से अवैध हस्तांतरित जमीन पर कैसे मिल रहा।सरकार के ही विभाग क्यों नहीं देखते कि जो कनेक्शन दिया जा रहा है, वह मूल रैयत का है।या अन्य लोगों के नाम पर है। अवैध हस्तांतरित जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती, तो नक्शा कैसे बना। सरकार ने अगर कनेक्शन नहीं दिया तो अवैध है। राजेश कच्छप ने कहा कि रांची के हेहल में 40 साल से लोग रह रहे थे, वह निर्दोष हो सकते हैं, दखल दिहानी का आदेश मिला, इसके बाद भी बड़ी कठिनाई से दखल हुआ। सरकार को रास्ता निकालना चाहिए। मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि डेमोग्राफी या समाजिक आर्थिक बदलाव का जिक्र किया गया है, तो इसके लिए टीएससी है। विभाग का दायरा ऐसे मामलों में सीमित है। विभाग शक्तियों और प्रावधानों के अनुरूप काम करता है। नमन विक्सल ने कहा कि रांची का ही उदाहरण देखें, भाषा-संस्कृति बदल रही। अवैध हस्तांतरण को रोकना होगा। हस्तांतरण रुकेगा तो डेमोग्राफी नहीं बदलेगी। मंत्री ने कहा कि नक्शा पर परमिशन दूसरे विभाग के द्वारा दिया जाता है। सवाल अलग-अलग विभागों से जुड़ा है। नमन विक्सल ने कहा कि सदन में नगर विकास मंत्री भी हैं, वही बता दें कि नक्शा कैसे रोकेंगे। क्या कहा सुदिव्य कुमार ने नमन विक्सल के सवाल पर जवाब देते हए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि एक विभाग अपने विभाग की शक्तियों के अनुरूप काम कर सकता है। 40 साल पहले कोई सीएनटी की जमीन पर बस गया, अगर भूमि सीएनटी थी और अवैध हस्तांतरण हुआ तो कानून अपना काम करेगा। यह प्रावधान नहीं है कि भूमि का नक्शा उसके प्रकार को देखकर पास किया जाए, वैसी स्थिति में जिन्होंने रजिस्ट्री करा ली, उनका नक्शा भी पारित हो गया। रिम्स में ऐसा ही मामला सामने आया, हाईकोर्ट के आदेश पर एसीबी जांच हो रही है। संबंधित अधिकारी जवाब दे रहे हैं। लेकिन यह सदन सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। अलग-अलग मंत्री अपने विभागों का जवाब दे सकते हैं, कोई समग्र जवाब नहीं दे सकता। सदस्य वस्तुनिष्ठ सवाल पूछें। कांग्रेस विधायक ने कहा कि नया हस्तांतरण तो रुके। स्पीकर ने कहा कि ऐसा कोई उदाहरण है तो मंत्री को बताएं। मंत्री दीपक बिरूआ ने भी कहा कि किसी का गलत हस्तांतरण हुआ है तो बताएं, सरकार कार्रवाई करेगी।
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ओबीसी छात्रवृत्ति मामले में सदन में तीखी नोक झोंक
रांची । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन गुरूवार को छात्रवृत्ति, जमीन हस्तांतरण और औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच कार्यवाही जारी रही। डुमरी विधायक जयराम महतो ने ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला सदन में जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि अब तक छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं होने से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि आखिर छात्रों को उनकी बकाया राशि कब तक मिलेगी। यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। जवाब में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि केंद्र सरकार से केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण राज्यांश जारी नहीं किया जा सका है।
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सारठ विधायक ने की नाला विधानसभा क्षेत्र में मत्स्य महाविद्यालय की मांग
नाला विधानसभा क्षेत्र में मत्स्य महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर सदन में मामला उठा। सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने क्षेत्र में मत्स्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी और मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। जवाब में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नाला में मत्स्य महाविद्यालय खोलने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि यदि नाला में मत्स्य भवन स्थापित किया जाता है, तो वहां प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। सरकार के इस जवाब के बाद स्पष्ट हो गया है कि नाला में मत्स्य महाविद्यालय की मांग पर अभी तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन भविष्य में आधारभूत ढांचा तैयार होने की स्थिति में प्रशिक्षण सुविधा शुरू की जा सकती है।
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ट्राइबल सब प्लान फंड पर बनेगा गाइडलाइन : चमरा लिंडा
रांची । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में टीएसपी (ट्राइबल सब प्लान) फंड के विचलन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। राजेश कच्छप ने सदन में सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या राज्य सरकार अपने बजट से टीएसपी मद में राशि उपलब्ध करा रही है? उन्होंने यह भी पूछा कि टीएसपी फंड के विचलन के मामलों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा है और अब तक इस पर स्पष्ट नीति क्यों नहीं बनी। जवाब में मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि केंद्र सरकार से टीएसपी फंड राज्य को आदिवासी आबादी के अनुपात के आधार पर प्राप्त होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि राज्य में टीएसपी फंड के विचलन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन तैयार नहीं की गई है। मंत्री लिंडा ने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालना आवश्यक है और इसके लिए गाइडलाइन बनाना जरूरी है। सरकार इस दिशा में काम करेगी।
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‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू करेगी सरकार : कृषि मंत्री
रांची । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सदन में विभाग का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए योजनाओं की प्रगति और भविष्य की रणनीति भी साझा की। मंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की जाएगी। हर विधानसभा क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना, दलहन मिशन और मखाना विकास योजना भी शुरू की जाएगी। मंत्री ने बताया कि विभाग ने अब तक राज्य मद का 65 प्रतिशत और केंद्र से प्राप्त बजट का 67 प्रतिशत व्यय कर लिया है। मार्च तक यह खर्च 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। मिलेट मिशन के तहत 21,800 किसानों को लगभग 10 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मडुआ (रागी) का रकबा 20 हजार हेक्टेयर से बढ़कर लगभग एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। एमएसपी के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं की गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्य सरकार बोनस बढ़ाती है तो क्या भारतीय खाद्य निगम धान की खरीद सुनिश्चित करेगा? सिंचाई योजनाओं के तहत 8 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है और 4 हजार से अधिक सोलर पंप लगाए गए हैं।


