रांची: झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के विकास की नई रूपरेखा सामने रखी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मौजूदगी में पेश इस बजट को ‘अबुआ दिशोम बजट’ नाम दिया गया। बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। बजट में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने की घोषणा की है। साथ ही धनबाद में दो और पलामू, लातेहार व गढ़वा में एक-एक झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। शहीदों के आश्रितों के लिए विशेष आदर्श विद्यालय की योजना भी बजट में शामिल है। पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध स्व-कर राजस्व का 4 प्रतिशत हिस्सा देने का निर्णय लिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों और अनुदान मद में करीब 16 हजार करोड़ रुपये राज्य को नहीं मिले हैं। वहीं कोल कंपनियों के पास 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं, जो विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं।
‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के तहत 25 करोड़ रुपये का प्रावधान
‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के तहत 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य महिला किसानों को एकीकृत खेती से जोड़ना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार कृषि क्षेत्र में रोजगार की हिस्सेदारी बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गई है। राज्य में दो जनवरी 2026 से पेसा अधिनियम लागू होने के बाद ग्राम सभाओं को बालू घाट प्रबंधन और स्थानीय योजनाओं के चयन का अधिकार मिला है। सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए इस बजट को समावेशी विकास का दस्तावेज बताया है, जिसका लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।


