रांची : वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड का बजट 24 फरवरी, मंगलवार को झारखंड विधानसभा में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सदन में ‘अबुआ दिशोम बजट’ प्रस्तुत करेंगे। राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर पेश हो रहा यह बजट कई मायनों में खास माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस बार बजट का आकार 1.55 लाख करोड़ से 1.70 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 1.45 लाख करोड़ रुपये के बजट से अधिक होगा। पिछले वर्ष की तुलना में 7-10 प्रतिशत अधिक हो सकता है।
हालांकि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल बजट का 55.14 प्रतिशत ही खर्च हो सका है। सरकार का दावा है कि 31 मार्च तक 90 प्रतिशत राशि व्यय कर दी जाएगी। नए बजट में रोजगार सृजन, शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूती देने पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।
इस बार पर्यटन, कृषि, शिक्षा, खेल और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। बजट के लिए 1550 सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें बैंकर्स और विभिन्न हितधारकों के सुझाव भी शामिल हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में पर्यटन, कृषि, शिक्षा, खेल, आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन, शहरी विकास और औद्योगिक निवेश शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने के संकेत भी मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का बजट सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए नई रोजगार योजनाएं, स्टार्टअप प्रोत्साहन और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षा-स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हो सकता है। कुल मिलाकर, 24 फरवरी का बजट राज्य के विकास रोडमैप को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
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