महाशिवरात्रि से पहले परंपरा का निर्वहन, पंचशूल उतरने के बाद अस्थायी रूप से रुका गठबंधन
देवघर। महाशिवरात्रि 2026 के अवसर से पूर्व परंपरा के अनुसार आज बाबा बैद्यनाथ धाम और पार्वती मंदिर के शिखर पर स्थापित पवित्र पंचशूल को विधिवत उतारा गया। यह कार्य डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी सौरभ की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुआ। पंचशूल उतरते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने इस दुर्लभ क्षण का साक्षी बनने का प्रयास किया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पंचशूल उतारे जाने के साथ ही बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के बीच होने वाला पारंपरिक गठबंधन अस्थायी रूप से बंद हो गया है। परंपरा के अनुसार पंचशूलों को पूजा पाठ के बाद पुनः मंदिर शिखर पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद ही गठबंधन की प्रक्रिया फिर से प्रारंभ हो सकेगी। मीडिया से बातचीत में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि महाशिवरात्रि को लेकर बाबा मंदिर, शिवगंगा, आसपास के क्षेत्रों और शिव बारात मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर की साफ सफाई, साज सज्जा और विशेष सजावट का कार्य भी तेज गति से चल रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उल्लेखनीय है कि वर्ष में एक बार महाशिवरात्रि से ठीक दो दिन पूर्व बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती मंदिर के शीर्ष पर स्थित पंचशूलों को उतारा जाता है। दोनों पंचशूलों को पहले आपस में मिलाकर एक साथ रखा जाता है। यह अलौकिक परंपरा केवल बैद्यनाथ धाम में ही देखने को मिलती है। इस विशेष अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र होते हैं और पंचशूल दर्शन की कामना रखते हैं। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, तीर्थ पुरोहित और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


