रांची । लगभग एक पखवाड़े की अपनी विदेश यात्रा के बाद मंगलवार शाम झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची पहुंचे।इस दौरान गांडेय की विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन भी साथ मौजूद थी।बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों और झारखंडी परंपरा के मुताबिक उनका स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी विदेश यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा की झारखंड में जल,जंगल, जमीन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में वहां के अनुभवों का व्यापक लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार धीरे-धीरे क्रमबद्ध तरीके से कार्यक्रम तय करेगी।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 17 जनवरी को वल्र्ड के दावोस में आयोजित वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल हुए थे, इसके बाद वे यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर गए थे।पहले चरण के दौरे पर मुख्यमंत्री 18 से 23 जनवरी तक दावोस में रहे।इस वैश्विक मंच पर उन्होंने झारखंड को एक उभरते हुए औद्योगिक राज्य के रूप में प्रस्तुत किया और वैश्विक उद्योग उद्यमियों, उद्यमियों और विशेषज्ञों से मुलाकात की।
राज्य सरकार के मुताबिक, इस दौरान झारखंड में करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश के अवसर बने हुए हैं, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री के दूसरे चरण का दौरा 23 से 26 जनवरी तक इंग्लैंड में था। यहां उन्होंने लंदन और ऑक्सफोर्ड में निवेश, उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया। सीएम ने इंपीरियल कॉलेज लंदन के अनुसंधान अनुसंधान का दौरा किया और क्रिटिकल इंडस्ट्रीज सहित एडेड इंडस्ट्री को लेकर चर्चा की।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेखों की स्थापना की। इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन की ओर से उनका पदवी का स्वागत भी किया गया।सरकार का कहना है कि इस विदेशी दौरे से झारखंड को केवल खनन आधारित राज्य की पहचान से आगे ले जाने वाले औद्योगिक, आईटी और हरित प्रौद्योगिकी हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। निवेश निवेशकों के लिए विशेष कार्य बल के गठन की तैयारी भी जारी है, ताकि निवेशकों के लिए उद्यम के नए अवसर सृजित हों। कर्मवीर सिंह/27जनवरी/26


