नई दिल्ली । अगला बजट पेश होने में बस तीन महीने शेष हैं। सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने सरकार से गुहार लगाई है कि आम आदमी को इनकम टैक्स में और राहत दी जानी चाहिए। उद्योग संगठन ने कहा है कि सालाना 50 लाख रुपये तक कमाई करने वाले व्यक्तिगत करदाताओं को टैक्स की दरों में राहत दी जानी चाहिए। सरकार ने अगर उद्योग संगठन की बातों पर गौर किया तो सालाना 50 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है। उद्योग संगठन ने अपील की है कि नए टैक्स रिजीम के तहत लगने वाले 30 फीसदी दर को बढ़ाकर 50 लाख से ऊपर की कमाई पर लागू किया जाए। अभी नए रिजीम में सालाना 24 लाख रुपये से ज्यादा कमाई वाले करदाता पर 30 फीसदी का स्लैब लगाया जाता है। उद्योग संगठन ने अपनी सिफारिश राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव को सौंप दी है।
साथ ही अप्रत्यक्ष कर में भी कुछ बदलाव करने का सुझाव दिया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अगले साल 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इससे पहले पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने व्यक्तिगत करदाताओं के साथ कॉरपारेट टैक्स को भी 25 फीसदी से नीचे लाने की सिफारिश की है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा है कि देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इनकम टैक्स की धारा ११५ बीएबी में बदलाव करना चाहिए और नई इकाइयों को टैक्स में राहत देना चाहिए। इन पर शुरुआती इनकम टैक्स 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस पर सरचार्ज लगाया जा सकता है। सरकार ने यह टैक्स रेट सितंबर, 2019 में लागू किया था, जिसे बढ़ाकर 31 मार्च, 2024 तक कर दिया था, लेकिन इस टैक्स रेट को आगे भी लागू रखना चाहिए। इससे विदेशी कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए काफी प्रोत्साहन मिलेगा।


