जयपुर । जयपुर निवासी योगेंद्र हिंदुस्तानी ने रींगस से खाटू धाम तक 17 किलोमीटर लंबी दंडवत पदयात्रा पूर्ण की है। खास बात यह कि उन्होंने यह कठिन यात्रा नुकीली कीलों पर की।
यह यात्रा उनकी अटूट श्रद्धा और देशभक्ति का प्रतीक बन गई। बता दें कि उनके चरणों के नीचे 1100 नुकीली कीलें बिछी थीं, शरीर पर घाव थे और तपती धूप भी उनकी आस्था को डिगा न सकी। योगेंद्र हिंदुस्तानी ने 11 अगस्त को रींगस स्थित प्राचीन श्री श्याम मंदिर से अपनी यात्रा शुरू की थी। यह तपस्या-समान यात्रा पांच दिनों में पूर्ण हुई।
योगेंद्र हिंदुस्तानी बाबा श्याम के दरबार में धोक लगाकर देश में सुख, समृद्धि और वैभव की मंगलकामना की है। उनका मानना है कि बाबा श्याम की कृपा से ही यह कठिन संकल्प और त्यागमयी यात्रा संभव हो सकी है। खाटू धाम पहुंचते ही श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने उनकी पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। सम्पूर्ण श्याम नगरी श्याम नाम की गूंज हो गई। भावुक मन से योगेंद्र ने कहा यह साधारण यात्रा नहीं, बल्कि बाबा श्याम के चरणों में समर्पित जीवन का एक अंश है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे पवित्र और गौरवपूर्ण क्षण बताया। हर दंडवत के साथ योगेंद्र ने बाबा श्याम का स्मरण किया। साथ ही उन्होंने जन-जन तक बाबा श्याम का संदेश पहुंचाया। उनका संकल्प था कि इस यात्रा के माध्यम से लोगों के मन में देश के प्रति प्रेम, त्याग और एकता की भावना को और अधिक प्रबल किया जाए। योगेंद्र हिंदुस्तानी ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य स्वच्छ भारत को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि भारत एक स्वच्छ राष्ट्र बने, इसलिए यह यात्रा कर रहे हैं। योगेंद्र ने रींगस श्याम मंदिर में हम स्वच्छ और स्वच्छ भारत के होर्डिंग लेकर लोगों को पहले जागरूक किया उसके बाद में अपनी यात्रा की शुरुआत की।


