नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ऐलान कर दिया है कि देश में जातिगत जनगणना होगी। मोदी सरकार के ऐलान के बाद अब चर्चा हैं जनगणना में जाति का कॉलम जुड़ेगा ही, क्या उपजाति या गोत्र के लिए भी कोई कॉलम होगा। जनगणना में किन बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित होगी। क्या मुस्लिम समुदाय की जातियां भी गिनी जाएगी। अब यह जानकारी सामने आ रही है कि जनगणना के दौरान धर्म के साथ ही जाति का भी कॉलम होगा। यह सभी लोगों के लिए होगा।
सूत्रों ने बताया कि देश में मुस्लिम समुदाय में भी कई जातियां हैं और इस बार की जनगणना में यह जानकारी भी सामने आएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि मुस्लिम आरक्षण से जुड़ी कोई भी मांग सरकार स्वीकार नहीं करेगी। इसके पीछे धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं होने की दलील दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है और जब तक बीजेपी का एक भी सांसद संसद में है, हम धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देने वाले है।
सूत्रों के मुताबिक जनगणना का काम अगले दो से तीन महीने के भीतर शुरू होगा। इसके लिए अधिकारियों को डेपुटेशन पर तैनात करने की प्रक्रिया सरकार जल्दी ही शुरू करेगी है। जनगणना से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जनगणना का काम पंद्रह दिन में पूरा कर लिया जाएगा। इस बार डिजिटल तरीके से भी जनगणना होगी। इस जनगणना में आधार ,बायोमैट्रिक और एआई का इस्तेमाल होगा। हालांकि, जनगणना के आंकड़ों के विश्लेषण में एक-दो साल का समय लग सकता है।
सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार का लक्ष्य 2029 का लोक सभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ कराना है। लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी है और परिसीमन के लिए जरूरी है कि जनगणना के आंकड़े उपलब्ध होना चाहिए। यह भी एक वजह है कि केंद्र सरकार जनगणना को लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटी है। अगले साल तक जनगणना का काम पूरा होने के बाद परिसीमन का काम शुरू होगा। परिसीमन के लिए मोदी सरकार आयोग का गठन करेगी।
जातिगत जनगणना में जातियों की जनसंख्या सामने आने के बाद सरकार अगले स्टेप पर भी विचार-विमर्श शुरू कर चुकी है। सूत्रों की मानें तब ओबीसी की संख्या बढ़ने पर सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए 27 फीसदी आरक्षण की सीमा बढ़ाने पर भी विचार हो सकता है। हालांकि, जस्टिस रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट पर एक्शन को लेकर सरकार के स्तर पर अभी कोई हलचल नहीं है, जिसमें कोटा के भीतर कोटा की बात थी। जातिगत जनगणना के आंकड़े सामने आने के बाद सरकार इस पर भी विचार कर सकती है।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


