नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि बीजेपी और आरएसएस के बीच कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों संगठन समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर आपसी विश्वास के आधार पर काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही संघ के सरकार्यवाह अरुण कुमार ने बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ के 32 से अधिक संगठन स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं और उनकी अपनी निर्णय लेने की प्रक्रिया होती है।
सरकार्यवाह अरुण कुमार ने शनिवार को कहा, कि हर संगठन का अपना ढांचा, सदस्य और चुनाव प्रक्रिया होती है। जिला और राज्य स्तर पर कमेटियों का गठन जारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव भी तय प्रक्रिया के तहत होगा।
परिसीमन पर चर्चा जल्दबाजी
अरुण कुमार ने परिसीमन प्रक्रिया पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया है, इसलिए इस पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि परिसीमन को लेकर हो रही चर्चाएं राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हैं या वास्तव में क्षेत्रीय हितों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, कि जो लोग परिसीमन पर चर्चा कर रहे हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि यह उनका राजनीतिक एजेंडा है या वे वास्तव में अपने क्षेत्र के हित की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने दक्षिणी राज्यों के नेताओं द्वारा चेन्नई में परिसीमन को लेकर हुई बैठक पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मीडिया को इन नेताओं से सवाल पूछना चाहिए कि क्या वास्तव में परिसीमन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अभी तक जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया केंद्र द्वारा शुरू नहीं की गई। अधिनियम का मसौदा भी तैयार नहीं हुआ है। राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर अनावश्यक चर्चा से बचना चाहिए। गौरतलब है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के निमंत्रण पर कुछ दक्षिणी राज्यों के नेता चेन्नई में परिसीमन से जुड़े संभावित प्रभावों और रणनीतियों पर चर्चा के लिए एकत्र हुए थे।


