आंध्र प्रदेश के सबसे ज्यादा 138 तो सिक्किम में है सिर्फ एक
नई दिल्ली । चुनाव सुधार पर काम करने वाले एक एनजीओ की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश के 45 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट ने देश के 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4123 विधायकों में से 4092 के चुनावी हलफनामे का विशेषण किया जिसमें आंध्र प्रदेश के सबसे ज्यादा 174 में से 138 (79फीसदी) विधायकों ने जबकि, सिक्किम में सबसे कम 32 में से सिर्फ एक विधायक (3फीसदी) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सबसे ज्यादा 134 विधायकों में से 115 (86फीसदी) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 1861 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। इसमें 1205 पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। 24 विधायकों के हलफनामे का एनालिसिस खराब स्कैनिंग की वजह से नहीं किया जा सका, जबकि विधानसभाओं में सात सीटें खाली हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 54 विधायकों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के आरोप हैं। वहीं, 226 पर धारा 307 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या की कोशिश के आरोप हैं। इसके अलावा 127 विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले दर्ज हैं। इनमें 13 पर 376 और 376 (2)(एन) के तहत रेप का आरोप है। धारा 376 (2)(एन) एक ही पीड़ित के बार-बार यौन उत्पीड़न से संबंधित है।


