नई दिल्ली । हाथ या पैर में पांच के बजाय छह अंगुलियां अनुवांशिक कारणों से होती है। यह न केवल दुर्लभ होती है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय भी बनी हुई है। मेडिकल भाषा में पॉलीडैक्टली कहा जाता है। यह एक जन्मजात स्थिति होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति पूरी तरह से हानिरहित होती है और आमतौर पर व्यक्ति के दैनिक जीवन को प्रभावित नहीं करती। पॉलीडैक्टली तब होती है जब भ्रूण के विकास के दौरान जीन में म्यूटेशन हो जाता है। जीएलआई-3 जीन में बदलाव इस स्थिति का मुख्य कारण माना जाता है। यह जीन शरीर के विभिन्न अंगों के विकास को नियंत्रित करता है, और जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो अतिरिक्त अंगुलियों का निर्माण हो सकता है।
शोध के अनुसार, यह स्थिति आनुवंशिक रूप से परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में पर्यावरणीय कारण भी इसे प्रभावित कर सकते हैं। दुनिया में हर 1000 में से लगभग एक व्यक्ति इस स्थिति के साथ पैदा होता है। यह अफ्रीकी मूल के लोगों में अधिक पाई जाती है, लेकिन भारत में भी कई ऐसे मामले देखे गए हैं, जिनमें जन्म के समय ही छह अंगुलियां पाई गईं। कुछ मामलों में अतिरिक्त अंगुली पूरी तरह से विकसित होती है, जबकि कुछ में यह छोटी और अविकसित हो सकती है। हालांकि यह कोई विकलांगता नहीं है, लेकिन अगर अतिरिक्त अंगुली असुविधा पैदा करती है, तो डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से इसे हटा सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन लोगों के हाथ में छह अंगुलियां होती हैं, वे मानसिक रूप से अधिक तेज होते हैं। जर्मनी की फ्रीबर्ग यूनिवर्सिटी के अध्ययन में पाया गया कि अतिरिक्त अंगुली वाले लोग अधिक जटिल काम आसानी से कर सकते हैं। बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन और एथलीट स्वप्ना बर्मन इसके उदाहरण हैं। ऋतिक के हाथ में छह अंगुलियां हैं, जबकि स्वप्ना के पैरों में यह विशेषता है। स्वप्ना ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार, छह अंगुलियां होना भाग्यशाली माना जाता है।
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