नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने सांसद निधि में भारी कटौती की है। 2019 से 2024 के बीच 17वीं लोकसभा के सांसदों को सांसद निधि से केवल 4510 करोड रुपए जारी किए गए हैं। पिछली लोकसभा की तुलना में यह 65.2 फ़ीसदी कम है।
16वीं लोकसभा मैं सांसदों को केंद्र सरकार द्वारा 12945 करोड रुपए सांसद निधि के रूप में जारी किए गए थे। सबसे ज्यादा सांसद निधि उत्तर प्रदेश के सांसदों को दी गई है। सबसे कम दिल्ली के सांसदों को मिली है।
सांसद निधि के रूप में हर सांसद को सालाना 5 करोड रुपए जारी किए जाने का प्रावधान है। इस निधि की शुरुआत 1993 में हुई थी। सांसद अपने क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए इस निधि का उपयोग करते हैं। 2019 से 2021 के पहले सभी सांसदों को 5 करोड रुपए की निधि मिलती थी। कोरोना के बाद यह राशि घटना शुरू हो गई।
2004 से 2009 के बीच सांसदों को 14023 करोड रुपए की राशि जारी की गई थी। 2009 से 2014 के बीच 10264 करोड रुपए की राशि जारी की गई थी। 2014 से 2019 के बीच में 12945 करोड रुपए सांसद निधि के रूप में जारी किए गए थे। 2019 से 2024 के बीच में सांसद निधि के रूप में केवल 4510 करोड रुपए जारी किए गए हैं। सांसद निधि के रूप में अभी तक यह सबसे कम राशि जारी की गई है। जिन सांसदों ने गांव गोद में लिए थे। विकास निधि नहीं मिलने से उन गांवों का विकास भी नहीं हो पाया। सांसद जब अपनी सांसद निधि को लेकर सतर्क नहीं है। तो वह अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए क्या करते होंगे। इसे आसानी से समझा जा सकता है।
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