नई दिल्ली । लोकसभा पिछले 75 वर्षों में लगातार बुढी होती चली जा रही है पहली लोकसभा में 25 से 40 वर्ष के सांसदों की संख्या 30.30 फ़ीसदी थी जो 18वीं लोकसभा में मात्र 10.68 फ़ीसदी रह गई है भारत इस समय सबसे युवा आबादी वाला देश है लोकसभा में ठीक इसके विपरीत स्थिति देखने को मिल रही है लोकसभा में युवाओं का प्रतिनिधित्व लगातार घटता चला जा रहा है। जो चिंता का सबसे बड़ा विषय है।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ पापुलेशन साइंसेज के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है भारत की आबादी के हिसाब से लोकसभा में आयु वर्ग की तुलना में युवाओं का सबसे कम प्रतिनिधित्व है 1952 की पहली लोकसभा में युवा प्रतिनिधित्व का सूचकांक 138 फ़ीसदी था जो अब 41 फ़ीसदी पर रह गया है पिछले 75 वर्षों में युवा सांसदों की संख्या लगातार घटती चली जा रही है।
पहली लोकसभा में सांसदों की औसत उम्र 46.5 फ़ीसदी थी जो 18वीं लोकसभा में 55.6 फ़ीसदी हो गई है पहली लोकसभा में 25 से 40 साल के युवा सांसद 30.30 फ़ीसदी थे जो 18वीं लोकसभा में घटकर 10.68 फ़ीसदी रह गए हैं आबादी के हिसाब से पहली लोकसभा में सूचाँकांक 138 फ़ीसदी था 18वीं लोकसभा में यह घटकर 41 फ़ीसदी रह गया है।
शोधकर्ताओं द्वारा यह रिपोर्ट महापंजीयक, यूएन के डाटा पोर्टल, चुनाव आयोग तथा लोकसभा सचिवालय के रिकॉर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार तैयार की गई है भारत में युवाओं की आबादी स्वतंत्रता के बाद से सबसे ज्यादा है लेकिन लोकसभा में इनका प्रतिनिधित्व लगातार घटते जाना भारी असुंतलन को दर्शाता है।


