बस इतना करते ही हो जाएगा आपका सारा बैंक बैलेंस खाली
बहजोई । डिजिटल प्रणाली ने भुगतान को तेज और सरल बना दिया है, वहीं इसके जरिए साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया रास्ता भी खोज लिया है। बहजोई क्षेत्र में साइबर ठग भोले-भाले और तकनीकी रूप से कम जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बना रहे हैं।
इन ठगों का हथकंडा बेहद ही खतरनाक है। वे अनजान नंबरों से काल कर खुद को आम आदमी या जरूरतमंद बताकर पीड़ितों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। कॉल कर ठग दावा करते हैं कि उन्होंने गलती से आपके खाते में पैसे भेज दिए हैं। इसके बाद वे एक लिंक भेजकर पीड़ित से अपना बैलेंस चेक करने का अनुरोध करते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही व्यक्ति को यूपीआई पिन डालने के लिए कहा जाता है, जो एक फिशिंग वेबसाइट होती है। जैसे ही व्यक्ति अपना पिन डालता है, ठग उसके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। आपको को शुरुआत में इसका अंदाजा नहीं होता।
जहां लोग डिजिटल तकनीक का उपयोग तो कर रहे हैं, लेकिन इसके खतरों से अनजान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठग लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते हुए उन्हें फंसा लेते हैं। एक बार व्यक्ति लिंक पर क्लिक कर देता है, तो ठग उसके खाते तक पहुंच जाते हैं जबकि साइबर सुरक्षा पुलिस बार-बार लोगों को बता रही है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध काल पर सतर्क रहें। इसके बावजूद, जागरूकता की कमी के कारण लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
बहजोई थाना क्षेत्र के पाठकपुर के रामकुमार जो पेशे से किसान हैं, करीब पांच दिन पहले उन्हें एक अनजान नंबर से काल आया। ठग ने कहा कि उसने गलती से पांच हजार रुपए उनके खाते में डाल दिए हैं। साइबर ठग ने बैलेंस चेक करने के लिए एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक कर बैलेंस चेक करने का प्रयाय किया तो पिन मांगने लगा हालांकि वह इससे सतर्क हुए और उन्होंने पिन नहीं डाला, जिससे वह ठगी से बच गए।
वहीं मानकपुर के प्रमोद कुमार को एक महिला ने काल कर झूठा दावा किया कि उसने 2500 रुपये भेजे हैं। हवाला दिया कि यह रुपए उन्होंने अपने खाते में किसी संबंधी से कहकर डलवाए थे जबकि उनके पिता एक अस्पताल में भर्ती हैं। भावनात्मक रूप से बातें करते हुए उन्होंने बैलेंस को चेक करने के लिए एक लिंक भेजा, उसके बाद लिंक पर क्लिक कर पिन डालते ही उनके खाते से 2500 रुपए कट गए।
संभल के एसपी ने बताया कि साइबर ठगी की अलग-अलग तरीके हैं। इससे बचने के लिए सावधानी और सतर्कता ही बेहतर बचाव है। लोगों को इसके प्रति जागरुक होना चाहिए। पुलिस भी जगह-जगह कार्यक्रम के माध्यम से बैनर पोस्टर के जरिए से लोगों को जागरूक करती है। अगर किसी के साथ कोई ठगी होती है तो तत्काल साइबर पुलिस के नंबर पर शिकायत करें।


