नई दिल्ली । कुंभ को लेकर स्टीव जॉब्स का लिखा एक पत्र 4.32 करोड़ में नीलाम हुआ है। यह पत्र जॉब्स ने अपने मित्र टिम ब्राउन को लिखा था और इसमें आध्यात्मिक आयोजन कुंभ के प्रति अपने आकर्षण को व्यक्त किया था और कुंभ में भाग लेने की इच्छा व्यक्ति की थी। इस पत्र के सामने आने के बाद माना जा रहा है कि लॉरेन पॉवेल जॉब्स अपने पति की इच्छापूर्ति के लिए महाकुंभ आई हैं।
ऐसा लगता है कि स्टीव जॉब्स ब्राउन द्वारा लिखे गए लेटर के जवाब में यह पत्र लिखा है। वे चिंतित दिखाई देते हैं और कहते हैं कि वे कई बार रोए हैं। जॉब्स ने लिखा, “मैं कुंभ मेले के लिए भारत जाना चाहता हूं, जो अप्रैल में शुरू होता है। मैं मार्च में किसी समय जाऊंगा, हालांकि इसको लेकर निश्चित नहीं हूं। जॉब्स हिंदू धर्म से बहुत प्रभावित दिखते हैं, उन्होंने अपने पत्र के अंत में ‘शांति, स्टीव जॉब्स’ लिखा है। स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स को उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि ने हिंदू नाम ‘कमला’ दिया है। वे 40 सदस्यीय टीम के साथ प्रयागराज पहुंची हैं।
वो ध्यान, क्रिया योग और प्राणायाम सहित विभिन्न आध्यात्मिक प्रथाओं में भाग ले रही हैं। हालांकि, भारी भीड़ के कारण लॉरेन को एलर्जी हो गई हैं और इसी वजह से उन्होंने मकर संक्रांति पर संगम में डूबकी नहीं लगाई। स्टीव जॉब्स द्वारा हाथ से लिखे पत्र में आध्यात्मिक और काव्यात्मक पक्ष की एक दुर्लभ झलक मिलती है। जॉब्स द्वारा नीलाम किया जाने वाला यह पहला व्यक्तिगत पत्र है, जिसकी कीमत 500,312.50 अमेरिकी डॉलर (4.32 करोड़ रुपये) है। जॉब्स ने अपने 19वें जन्मदिन, 23 फरवरी को अपने बचपन के दोस्त टिम ब्राउन को संबोधित करते हुए लिखा। यह पत्र स्टीव वोज़्नाइक के साथ एप्पल की स्थापना से ठीक दो साल पहले स्टीव जॉब्स ने लिखा था।


