नई दिल्ली । भारत में बुलेट ट्रेन का सपना अब जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। रेलवे सेक्टर में बुलेट ट्रेन की शुरुआत को लेकर भारी उत्साह है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य है कि इसे 2026 तक शुरू कर दिया जाए। जापान के सहयोग से मुंबई और अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अपने अंतिम चरण में है।
इन बुलेट ट्रेन परियोजनाओं से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि भारतीय रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर भी अत्याधुनिक होगा, जो देश को एक नई गति देगा। यह बुलेट ट्रेन भारत के रेलवे नेटवर्क का पहला प्रयास नहीं है, क्योंकि सरकार ने अन्य प्रमुख शहरों के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजनाओं पर भी काम करना शुरू कर दिया है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, जिससे भारत में परिवहन की गति में बड़ा बदलाव आएगा। इसके अलावा, सरकार ने दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है, जिससे 852 किलोमीटर की यह दूरी महज ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि अभी इस यात्रा में लगभग 12 घंटे का समय लगता है। दिल्ली और अहमदाबाद के बीच तीसरी बुलेट ट्रेन परियोजना का प्रस्ताव है, जिसमें दोनों शहरों के बीच की 971 किलोमीटर की दूरी को 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अब इसमें 16 घंटे से अधिक का समय लगता है। इसके साथ ही, दिल्ली से अमृतसर के बीच भी बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, जिसमें यात्रा का समय 7 घंटे से घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे हो जाएगा। मुंबई से नागपुर के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की योजना पर भी विचार चल रहा है, और यह यात्रा अब केवल 2.5 घंटे में पूरी हो सकेगी।
मुंबई और पुणे से होकर हैदराबाद जाने वाली एक और बुलेट ट्रेन भी भारत में जल्द ही अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार है, जिससे मुंबई से हैदराबाद की 700 किलोमीटर की दूरी केवल 2.1 घंटे में तय की जा सकेगी। चेन्नई से बैंगलोर के रास्ते मैसूर तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना भी बनाई गई है, जिसमें 481 किलोमीटर की दूरी अब सिर्फ 1.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। अंतिम बुलेट ट्रेन परियोजना, जो वाराणसी से हावड़ा के बीच चलेगी, 676 किलोमीटर की दूरी को 15 घंटे में तय करती है, लेकिन बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद इसे सिर्फ 2 घंटे 5 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
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