सीपेज और बिजली की समस्या होगी दूर, दो नई पानी टंकियां लगाने का निर्देश
एक सप्ताह में सभी कल्याण छात्रावासों के लिए एसएचजी का चयन, कुक और संचालन समिति की होगी व्यवस्था
छात्रों के लिए लूडो-कैरम समेत इनडोर गेम्स की व्यवस्था, मॉडल हॉस्टल के रूप में विकसित होगा छात्रावास
ब्यूरो
दुमका। आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने को लेकर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने गुरुवार को छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद कर पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रावास में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण में कई कमियां सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सुधार कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान छात्रावास भवन के विभिन्न हिस्सों में सीपेज की समस्या मिलने पर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल के संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया। पूरे भवन की विद्युत वायरिंग की जांच कर खराब लाइट और विद्युत बोर्ड को दुरुस्त करने को भी कहा गया। उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को छात्रावास को +2 जिला स्कूल के प्रधानाचार्य को हैंडओवर करने का निर्देश दिया, ताकि नियमित देखरेख और प्रबंधन विद्यालय स्तर से सुनिश्चित हो सके।
छात्रों ने शौचालय में पानी की समस्या और साफ-सफाई से जुड़ी शिकायतें भी उपायुक्त के समक्ष रखीं। इस पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पानी की टंकी की सफाई, परिसर में घास की कटिंग और समुचित साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया गया। छात्रों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए दो अतिरिक्त पानी की टंकियां लगाने को भी कहा गया।
उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित सभी छात्रावासों के लिए एसएचजी का चयन करने का निर्देश दिया। चयनित एसएचजी के माध्यम से छात्रों के लिए भोजन तैयार करने को कुक की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही संचालन समिति का गठन किया जाएगा, जो छात्रावासों में उत्पन्न होने वाली छोटी-मोटी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर लगातार समाधान सुनिश्चित करेगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास की आवश्यक मरम्मत और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कर जल्द से जल्द व्यवस्थित किया जाए। उद्देश्य छात्रावास को मॉडल हॉस्टल के रूप में विकसित करना है, ताकि यहां रहने वाले छात्रों को बेहतर पढ़ाई के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवासीय वातावरण मिल सके। छात्रों के मनोरंजन और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए दो दिनों के भीतर लूडो, कैरम सहित आवश्यक इनडोर गेम्स उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के पदाधिकारी मौजूद थे।


