◆पेयजल स्वच्छता विभाग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बनाई टीम
◆जल जीवन मिशन के तहत योजनाओं की गुणवत्ता और कार्यप्रगति की होगी तकनीकी व प्रशासनिक जांच
विशेष संवाददाता
दुमका। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की गुणवत्ता, कार्यप्रगति और जमीनी स्थिति की नियमित निगरानी के लिए सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। विभागीय निर्देश के आलोक में जिले में हर माह चार योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जाना है। इसके लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक एवं तकनीकी पदाधिकारियों की संयुक्त जांच टीम गठित की जा रही है।
जांच के दौरान योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मिलान विभागीय अभिलेखों और स्वीकृत प्रावधानों से किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से निर्धारित मैनुअल फ़ॉर इंस्पेक्शन स्कीम
के अनुरूप जांच प्रक्रिया अपनाने का निर्देश है। जांच के बाद निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जांच अधिकारियों को दी गयी है।
जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग प्रखंडों में संचालित योजनाओं के निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम तय की गयी है। टीम में संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के सहायक/कनीय अभियंता तथा अन्य तकनीकी पदाधिकारी शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान योजनाओं की भौतिक स्थिति के साथ-साथ तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
जांच टीम को निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। उप विकास आयुक्त के स्तर से जांच पदाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर समेकित जांच प्रतिवेदन तैयार कर विभाग को भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इस नियमित जांच व्यवस्था से जल जीवन मिशन की योजनाओं में काम की गुणवत्ता, ग्रामीणों को मिल रहे पेयजल की वास्तविक स्थिति तथा योजनाओं के संचालन में सामने आ रही कमियों की निगरानी हो सकेगी। अनियमितता या तकनीकी खामी मिलने पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।


