नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ब्रिक्स के माध्यम से आर्थिक सहयोग, नवाचार और वैश्विक विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अब केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला 21 देशों का बड़ा आर्थिक परिवार बन चुका है।
मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले वर्षों में जहां वैश्विक जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सड़क, रेल, बंदरगाह और हवाई अड्डों के साथ जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में तेजी से क्षमता विकसित कर रहा है। देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 से अधिक यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य ‘मेक इन इंडिया, इनोवेट विद इंडिया एंड स्केल फॉर द वर्ल्ड’ है।
उन्होंने यूपीआई को भारत की डिजिटल नवाचार यात्रा की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि दुनिया के करीब 50 प्रतिशत रियल टाइम डिजिटल भुगतान यूपीआई आधारित तकनीक से होते हैं। मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम करने, निवेश और प्रतिभा का आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के सामने तीन लक्ष्य रखे—आपसी व्यापार की शीर्ष 10 बाधाओं को दूर करने की रिपोर्ट तैयार करना, हर वर्ष 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को दूसरे देशों के बाजारों में विस्तार में मदद देना और कारोबारों के बीच सालाना 1,000 नई साझेदारियां विकसित करना। उन्होंने कहा कि मजबूत ब्रिक्स वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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