ड्रोन, नक्शे और सियाचिन में इस्तेमाल होने वाले विशेष गियर मुहैया करा रहा पाक
नई दिल्ली । पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में करीब 500 आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने की फिराक में हैं, जिन्हें पाकिस्तान ड्रोन, नक्शे और सियाचिन में इस्तेमाल होने वाले विशेष गियर मुहैया करा रहा है ताकि बर्फबारी के बावजूद वे भारतीय इलाकों में घुस सकें। यह जानकारी खुफिया रिपोर्टों से मिली। हालांकि, भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद है और पाकिस्तान के हर नापाक इरादे को नाकाम करने के लिए तैयार है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सुरक्षा बलों को मिली खुफिया जानकारी से पता चलता है कि पाकिस्तान की योजना इन आतंकवादियों को सर्दी शुरू होने से पहले भारत में प्रवेश कराना है, जिससे उन्हें भारी बर्फबारी के दौरान कम कठिनाइयों का सामना करना पड़े। वर्तमान में भारतीय सुरक्षा बल सीमा पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, जिससे आतंकवादी समूहों के लिए घुसपैठ करना मुश्किल हो रहा है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन आतंकवादियों को 3-4 के छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है, ताकि सुरक्षा बलों को उनका पता लगने का खतरा कम हो सके।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि लॉन्चपैड्स पर काफी गतिविधियां बढ़ गई हैं क्योंकि पिछले डेढ़ साल में घुसपैठ के कई प्रयास नाकाम हो चुके हैं और सर्दियां नजदीक आ रही हैं। आतंकवादी आमतौर पर सर्दी से पहले घुसपैठ की कोशिश करते हैं, क्योंकि भारी बर्फबारी के बाद रास्ते दुर्गम हो जाते हैं। लॉन्चपैड्स पर बढ़ी गतिविधि एक बड़े घुसपैठ अभियान की ओर इशारा करती है, जिसे पाकिस्तान भारत को दहलाने की बड़ी साजिश के तहत अंजाम देना चाहता है। पाकिस्तानी सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को ऊंचाई वाले इलाकों के लिए विशेष गियर दिए हैं, जिनमें सियाचिन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ड्रोन का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है ताकि रास्तों का नक्शा बनाया जा सके और भारतीय सेना की मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। इन खुफिया इनपुट्स के बाद भारतीय सेना पूरी तरह अलर्ट है और हर घुसपैठ को नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान की अंदरूनी सुरक्षा संकट, खासकर खैबर पख्तूनख्वा, पीओके और बलूचिस्तान में अशांति, इस जल्दबाजी का एक मुख्य कारण हो सकता है।


