

● सर्किट हाउस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान समारोह-2026
● प्राथमिक विद्यालय से महाविद्यालय तक के शिक्षकों को मिला सम्मान
● शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, संगीत और कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षक सम्मानित
● डीईओ संजीत कुमार मुख्य अतिथि, डीएसओ तूफान पोद्दार रहे विशिष्ट अतिथि
● स्थानीय संपादक चुंडा सोरेन ‘सिपाही’ ने की अध्यक्षता, एस.के.झा. ‘सुमन’ व अशोक सिंह ने संभाली कार्यक्रम की जिम्मेदारी
ब्यूरो
दुमका। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माता होता है। शिक्षक के इसी महत्वपूर्ण योगदान और समर्पण को सम्मान देने के उद्देश्य से संताल परगना के प्रमुख संताली-हिंदी दैनिक ‘संताल एक्सप्रेस’ की ओर से शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। दुमका स्थित सर्किट हाउस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समारोह में शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, संगीत और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 18 शिक्षकों को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में प्राथमिक विद्यालय से लेकर मध्य एवं उच्च विद्यालय, महाविद्यालय, संगीत और कला के क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और उनके योगदान को पहचान देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार तथा विशिष्ट अतिथि जिला खेल पदाधिकारी तूफान पोद्दार रहे। समारोह की अध्यक्षता ‘संताल एक्सप्रेस’ के स्थानीय संपादक चुंडा सोरेन ‘सिपाही’ ने की। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन साहित्य संपादक अशोक सिंह और ब्यूरो प्रभारी एसके सुमन ने किया। अतिथियों एवं उपस्थित शिक्षकों का स्वागत और अभिनंदन किया गया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करते हैं। बदलते समय में शिक्षा की भूमिका और भी व्यापक हुई है। ऐसे में शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम करता है।
सम्मान समारोह में प्रियदर्शनी देहरी, शिक्षिका, दुमका; कुसुम बास्की, शिक्षिका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, गोपीकांदर; विभा कुमारी, शिक्षिका, पीएमएस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, दुमका; पूनम कुमारी, शिक्षिका, काठीकुंड; मोनी माला सिंह, संगीत शिक्षिका, ज्ञान वाटिका स्कूल, रसिकपुर, दुमका; डॉ. रुपम श्रीवास्तव, मयूराक्षी कॉलेज, रानेश्वर; डॉ. कौशल कुमार, प्राचार्य, संथाल आवासीय विद्यालय, मसलिया; निर्मल सिंह, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय लकरजोरिया, जामा; तेज नारायण राय, सहायक अध्यापक, जामा; डॉ. मेरी मार्गरेट टुडू, प्राचार्य, मॉडल कॉलेज, विजयपुर, दुमका; डॉ. यू. एस. आनंद, सेवानिवृत्त शिक्षक एवं वरिष्ठ साहित्यकार; ऋतुराज, संगीत शिक्षक, झारखंड कला केंद्र; डॉ. अजीत कुमार, प्रभारी प्राचार्य सह स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक, +2 उच्च विद्यालय, जामा; महेंद्र प्रसाद साह, सेवानिवृत्त शिक्षक; ऊंकार नाथ मिश्र, शिक्षक, प्रखंड सरैयाहाट; डॉ. हनीफ, सहायक प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, संताल परगना महिला महाविद्यालय; रघुनाथ हाँसदा ‘चिलबिन्धा’, शिक्षक तथा डॉ. होलिका कुमारी मरांडी, सहायक प्रोफेसर, संताली विभाग, संताल परगना कॉलेज, दुमका को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में शिक्षकों, शिक्षाविदों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। सम्मानित शिक्षकों ने ‘संताल एक्सप्रेस’ के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान शिक्षकों को अपने दायित्व के प्रति और अधिक समर्पित होकर काम करने की प्रेरणा देते हैं। समारोह का समापन शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को आगे भी मंच देने के संकल्प के साथ हुआ।



