पलामू । पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहूं गांव में शुक्रवार रात नवजात बच्ची देवी मंदिर के पास धान के खेत की मेड़ पर बिना कपड़ों के मिली। बच्ची का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ था। ग्रामीणों को आशंका है कि उसकी बलि देने की तैयारी थी।
ग्रामीणों के मुताबिक, बच्ची की मां दो अन्य महिलाओं के साथ पूजा-पाठ का सामान लेकर वहां पहुंची थी। महिलाएं पूजा की तैयारी कर रही थीं, तभी पास में मछली पकड़ रहे युवकों को शक हुआ। उनके शोर मचाने पर दो महिलाएं भाग गईं, जबकि बच्ची की मां को पकड़ लिया गया। घटना शुक्रवार रात की है। ग्रामीणों ने मुनकेरी गांव के जहीर अंसारी को फोन कर मंदिर के पास खेत की मेड़ पर नवजात बच्ची के होने की जानकारी दी। जहीर मौके पर पहुंचे और बच्ची को गर्म कपड़े में लपेटकर मां के साथ अनुमंडलीय अस्पताल ले गए। बच्ची की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। मां का भी इलाज चल रहा है।
पकड़ी गई महिला की पहचान छतरपुर नगर पंचायत के मंदेया गांव के भल्ही टोला निवासी मंजू देवी के रूप में हुई है। वह रविंद्र उरांव की पत्नी और बच्ची की मां है। मंजू देवी के पहले से दो बेटे और दो बेटियां हैं। नवजात उनकी पांचवीं संतान है।
महिला के पास से पॉलीथिन में सिंदूर, बिंदी, कंघी और पूजा-पाठ का अन्य सामान मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, मंदिर गांव से दूर खेतों के बीच सुनसान जगह पर है। जहीर अंसारी ने मामले की जानकारी छतरपुर थाना प्रभारी को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और बच्ची को मंदिर के पास छोड़ने के कारण की जांच शुरू की। जिले के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने मामले में शनिवार को बताया कि छतरपुर पुलिस को जांच कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है।


