कार में तोड़फोड़ कर परिवार से सोने के आभूषण, घड़ियां समेत 19 लाख का माल लूटा
मुंबई । मुंबई-नागपुर को जोड़ने वाले महामार्ग पर छत्रपति संभाजीनगर से आ रही एक कार 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, लेकिन सिन्नर तहसील के मलढोन और दुशिंगपुर क्षेत्र के पास पहुंचते ही सड़क पर बिछी नुकीली लोहे की कीलों और छड़ों ने कार के टायरों को छलनी कर दिया था। कार हिचकोले खाती हुई सड़क किनारे रुक गई। चालक ने उतरकर देखने की कोशिश की, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि सड़क के किनारे झाड़ियों में मौत उनकी राह देख रही थी। जैसे ही कार रुकी, अचानक झाड़ियों में हलचल हुई। हाथ में लोहे की रॉड, डंडे और धारदार हथियार लिए 10 से 12 नकाबपोश डकैत कार की तरफ लपके। परिवार कुछ समझ पाता, उससे पहले ही शीशों पर डंडों की बरसात होने लगी। कांच टूट गए और कार के अंदर मासूम बच्चों की चीखें गूंज उठीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डकैतों का सिरफिरापन इस हद तक था कि जब पीड़ितों ने खुद को बचाने की कोशिश की, तो लुटेरों ने गोद में रोते छोटे बच्चों को खींचकर दूर फेंकने की धमकी दी। अपनी और अपने मासूमों की जान बचाने के लिए बेबस पिता और मां के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। डकैतों ने कुछ ही मिनटों में 18 लाख 9 हजार 500 रुपए के सोने के आभूषण, महंगी घड़ियां और 84,500 रुपए की नकदी छीन ली। कुल 19 लाख रुपए का माल साफ कर दिया। यह खौफनाक खेल केवल एक कार तक सीमित नहीं रहा। करीब डेढ़ घंटे तक उस सन्नाटे भरे महामार्ग पर लुटेरों का राज रहा और उन्होंने एक-एक कर तीन गाड़ियों को अपना शिकार बनाया। इस महामार्ग पर डेढ़ घंटे तक परिवार मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन महामार्ग गश्ती दल या वावी पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस लापरवाही ने महामार्ग प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी।
घटना के बाद हरकत में आई नासिक पुलिस और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच की टीम ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए धाराशिव क्षेत्र से 6 लुटेरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से समृद्धी महामार्ग के सूनसान हिस्सों को निशाना बनाकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहा था।
इस खौफनाक वारदात के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम नींद से जागा है। महामार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और यातायात अनुशासन के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत गेंट्री और हाई-डेफिनेशन कैमरे लगाने का काम शुरु कर दिया गया है। 31 अगस्त से 7 सितंबर के बीच सिन्नर, भरवीर और इगतपुरी इंटरचेंज के बीच चरणबद्ध तरीके से दोपहर 12 से 1 बजे और 3 से 4 बजे तक ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। ये अत्याधुनिक एआई कैमरे ओवरस्पीडिंग, लेन कटिंग के साथ-साथ सड़क पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि और अवैध पार्किंग पर 24 घंटे नजर रखेंगे, ताकि समृद्धी महामार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को दोबारा ऐसे खौफनाक मंजर का सामना न करना पड़े। इस घटना ने साबित कर दिया है कि रोड सेफ्टी नियम यूपी-बिहार की तरह महाराष्ट्र में भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। लोगों की इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं कि रात को पुलिस पेट्रोलिंग होनी चाहिए, जिससे इस तरह की घटनाएं न हो।


