◆सिंडिकेट गठन की अधिसूचनाओं के बाद चांसलर नॉमिनी को लेकर बनी हुई थी असमंजस की स्थिति
◆लोकभवन के पत्र से हुआ स्पष्ट,नए सदस्य के नामित होने तक डॉ. एस.एन. सिंह निभाते रहेंगे जिम्मेदारी
विशेष संवाददाता
दुमका । सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू), दुमका के नवगठित सिंडिकेट में राज्यपाल सह कुलाधिपति की ओर से नामित शिक्षाविद सदस्य के रूप में देवघर कॉलेज के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एस.एन. सिंह बने रहेंगे। लोकभवन से जारी पत्र के अनुसार, जब तक राज्यपाल सह कुलाधिपति सिंडिकेट के लिए किसी नए शिक्षाविद को नामित नहीं करते, तब तक डॉ. सिंह सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
डॉ. एस.एन. सिंह को मई 2025 में तीन वर्षों के लिए राज्यपाल सह कुलाधिपति के नॉमिनी के रूप में एसकेएमयू सिंडिकेट का सदस्य नामित किया गया था। हालांकि, झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद विश्वविद्यालय में सिंडिकेट के नए गठन की प्रक्रिया के दौरान उनकी सदस्यता को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
विश्वविद्यालय ने 30 सितंबर 2026 को अधिसूचना संख्या 133/26 जारी कर नए सिंडिकेट का गठन किया था। इसके अगले ही दिन, 1 अक्टूबर को अधिसूचना संख्या 134/26 जारी कर सिंडिकेट के गठन को फिर से अधिसूचित किया गया। दूसरी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया था कि इस संबंध में पूर्व में जारी सभी अधिसूचनाएं निरस्त मानी जाएंगी।इसके बाद से ही विश्वविद्यालय परिसर में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि पूर्व में तीन वर्षों के लिए नामित चांसलर नॉमिनी डॉ. एस.एन. सिंह नए सिंडिकेट में सदस्य बने रहेंगे या नहीं।
अब लोकभवन से जारी पत्र के बाद इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो गई है। नए शिक्षाविद सदस्य के नामांकन तक डॉ. एस.एन. सिंह सिंडिकेट में राज्यपाल सह कुलाधिपति के नामित सदस्य के रूप में बने रहेंगे। इस तरह, नए सिंडिकेट के गठन के बाद उनकी सदस्यता को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर हो गई है।


