● यात्रियों को झेलनी पड़ रही भारी फजीहत
● अकेले सफर कर रहे यात्रियों को सता रहा सामान चोरी का डर, रेल प्रशासन मौन
● शौच के लिए स्टेशन से बाहर जाने को मजबूर यात्री
एस.के.झा. ‘सुमन’
दुमका: संताल परगना के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शुमार दुमका रेलवे स्टेशन इन दिनों बुनियादी नागरिक सुविधाओं के घोर अभाव से जूझ रहा है। इस स्टेशन से भागलपुर, पटना, देवघर, कोलकाता और गोड्डा जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए करीब एक दर्जन यात्री ट्रेनें रोजाना रवाना होती हैं। इसके बावजूद यहां आने-जाने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि स्टेशन परिसर में महिलाओं के लिए एक अदद चालू बाथरूम तक मयस्सर नहीं है।
शुक्रवार को ‘संताल एक्सप्रेस’ की टीम द्वारा स्टेशन परिसर का जमीनी मुआयना किया गया। इस दौरान दावों और जमीनी हकीकत का बड़ा अंतर सामने आया। परिसर में बना इकलौता शौचालय और वॉश रूम ताले में बंद पाया गया। खिड़की से झांकने पर पता चला कि वह अंदर से बेहद गंदा और बदबूदार था। देखरेख के अभाव में करोड़ों की लागत से बना यह स्टेशन सिर्फ दिखावे का केंद्र बनकर रह गया है।
स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि परिसर में न तो साफ शौचालय है और ना ही शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था। अगर किसी महिला या पुरुष यात्री को शौच या पेशाब की जरूरत होती है, तो उन्हें स्टेशन परिसर से काफी दूर बाहर जाना पड़ता है। सबसे बड़ी मुसीबत उन यात्रियों के सामने आती है जो अकेले सफर कर रहे हैं और जिनके पास भारी सामान है। ऐसे में उन्हें अपने सामान को भगवान भरोसे छोड़कर बाहर जाना पड़ता है, जिससे चोरी का डर हमेशा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेल प्रशासन के इस उदासीन रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि एक तरफ रेलवे आधुनिकता के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं की गरिमा और यात्रियों की बुनियादी जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान ले और बंद पड़े शौचालयों को तुरंत साफ करवाकर चालू करे, ताकि लोगों को इस फजीहत से राहत मिल सके।
——————————


